आज के समय में भी लैंगिक असमानता (gender inequality) का समाज में मौजूद होना, एक बेहद चिंता का विषय है। और इस विषय को जरूरत है – एक बदलाव की। नीचे दिए 5 तरीकों को अपनाकर हम और आप अपने वर्क प्लेस में लैंगिक समानता को बढ़ावा देकर, समाज के प्रति अपना एक हिस्सा चुका सकते हैं। कैसे लाएं वर्कप्लेस में Gender Equality ? workplace mein gender equality kaise laye

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 कैसे लाएं वर्कप्लेस में Gender Equality ?

1. महिला सहकर्मियों को आगे आने का बढ़ावा दें ।

अपने ऑफिस में महिला सहकर्मियों को हमेशा आगे आने के लिए बढ़ावा दें। उनको सबके सामने अपनी बात कहने के लिए प्रोत्साहित करें।

कई बार देखा गया है कि महिलाओं की बातों को उतनी महत्वता समाज नहीं देता है , जीतने की वो हकदार होती हैं। और इसी कारण कुछ महिलाएँ भी अपनी बातों को सबसे सामने रखने से हिचकिचाती हैं। लेकिन यदि आपको अपने ऑफिस में gender equality को बढ़ावा देना है तो पहले महिलाओं को आगे आने के लिए बढ़ावा देना होगा। साथ ही , उनको यह बात सुनिश्चित करानी होगी कि यहाँ उनको सुनने वाले हैं और वो सुरक्षित हैं अपनी बात को खुलकर सामने रखने के लिए।

2. लैंगिक असमानता (gender inequality) पर खुलकर बात करें ।

कई लोग ऐसे होते हैं जो लैंगिक समानता (gender equality) को बढ़ावा भी देना चाहते हैं, मगर अपने स्पेस में  gender inequality को लेकर बात करने से भी कतराते हैं। और ये बेहद गलत चीज़ है। अगर आप अपने वर्क प्लेस में gender equality को बढ़ावा देना चाहते हैं तो आपको उस चीज को लेकर अपने वर्क प्लेस में ओपन डिस्कशन (open discussion) करने होंगे। और आपका आधा काम यहीं पूरा हो जाएगा।

जब सारे लोग एक विषय को लेकर आपस में खुलकर बात करते हैं तो उस विषय से जुड़े आधे भ्रम तो  वैसे ही दूर हो जाते हैं। और आप एक ऐसा हेल्दी व सकारात्मक स्पेस बना पाएंगे, जहां gender equality का होना, लोगों के लिए कोई अलग बात नहीं होगी।

3. वर्कप्लेस का ओपन-माइंडेड (open-minded) वातावरण होना ।

वर्क प्लेस में gender equality को बढ़ावा देना तब ही संभव हो पाएगा, जब वहाँ का वातावरण ओपन-माइंडेड बनेगा । अगर वर्कप्लेस में किसी लड़की के जाने पर उसके कपड़ों से उसको जज न किया जाए, और किसी लड़के के रोने पर उसका मजाक न बनाया जाए, तो gender equality का ज़ोर वहाँ सफल माना  जाएगा।

4. आय असमानता (income inequality) को लेकर बात करें ।

आय असमानता , gender equality की राह में एक बहुत बड़ी बाधा है। और जबतक हम इसको लेकर सबके साथ खुलके बात नहीं करेंगे तबतक gender equality को बढ़ावा देना भी संभव नहीं होगा। साथ ही आय असमानता (income inequality) पर बात करने के लिए , वर्क प्लेस से बेहतर कोई और जगह नहीं। इसलिए अपने वर्क प्लेस में आय असमानता को लेकर बात करें, और इससे gender equality को पाने का रास्ता साफ होगा ।

5. महिलाओं को सुरक्षित महसूस कराएँ।

महिलाओं को वर्क प्लेस में सुरक्षित महसूस कराना gender equality को पूरी तरह से पाने की एक कड़ी है। जबतक महिलायें खुद को अपने वर्क प्लेस में सुरक्षित नहीं समझती, तबतक gender equality के कोई मायने नहीं रहते।

हमको और आपको जरूरत है वर्क प्लेस में महिलाओं के लिए एक ऐसा वातावरण बनाने की जहां वो खुद को पूरी तरह से सुरक्षित पाएँ। और साथ ही वहाँ उनको अपने विचारों को खुलकर सबके सामने रखने की पूरी आज़ादी हो।

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