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Manisha Koirala: कैंसर से जंग जीतने से हीरामंडी तक का प्रेरणादायक सफर

OTT प्लेटफॉर्म मनोरंजन जगत में क्रांति ला रहे हैं और महिला कलाकारों को सशक्त बना रहे हैं। जानिए कैसे ओटीटी मनीषा कोइराला जैसी अभिनेत्रियों को लाभ पहुंचा रहा है और सिनेमा को अधिक विविध और समावेशी बना रहा है।

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Vaishali Garg
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Manisha Koirala: Inspiring Journey from Battling Cancer to Heeramandi

Manisha Koirala: Inspiring Journey from Battling Cancer to Heeramandi: बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री मनीषा कोइराला इन दिनों संजय लीला भंसाली की वेब सीरीज 'हीरा मंडी' में अपने शानदार अभिनय से धूम मचा रही हैं। मलिका जहान के किरदार में उनकी दमदार परफॉर्मेंस दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रही है, लेकिन इस सीरीज का मनीषा के लिए सिर्फ मनोरंजन से कहीं ज्यादा महत्व है। यह उनके करियर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। 

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Manisha Koirala: कैंसर से जंग जीतने से हीरामंडी तक का प्रेरणादायक सफर 

उम्र नहीं, दमखम देखो! 

हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट में मनीषा ने हीरामंडी से जुड़े अपने दो खास अनुभवों को साझा किया। पहला, 53 साल की उम्र में एक प्रतिष्ठित वेब सीरीज में महत्वपूर्ण भूमिका पाने की खुशी। मनीषा ने लिखा कि वह अब केवल छोटे किरदारों तक ही सीमित नहीं रहीं। ओटीटी प्लेटफॉर्म के बढ़ते चलन और दर्शकों की बदलती पसंद की वजह से अब महिला कलाकारों और उद्योग जगत से जुड़े लोगों को वह पहचान और बेहतरीन काम मिल रहा है, जिसके वे हकदार हैं।

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कैंसर को मात देना और उम्र को गले लगाना 

दूसरा पहलू, हीरामंडी की शूटिंग के दौरान उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से जो चुनौतियां झेलनी पड़ीं। कैंसर से जूझने और 50 की उम्र के करीब पहुंचने के बाद फिल्म की मांगों को पूरा करना उनके लिए मुश्किल भरा था। उन्हें शूटिंग के लंबे शेड्यूल, भारी लिबास और अपने किरदार की बारीकियों को निभाने में खुद पर संदेह होता था। एक विशेष सीन, जिसे पानी के फव्वारे में 12 घंटे से भी ज्यादा समय तक फिल्माया गया, ने उनकी सहनशीलता की परीक्षा ली। थकान और असुविधा के बावजूद शारीरिक चुनौतियों को पार पाने का आत्मसम्मान उन्हें गहरी खुशी देता था। 

सीरीज की रिलीज के बाद से ही मनीषा कोइराला की खूब तारीफ हो रही है। सीरीज के एक सीन के बारे में एक दर्शक ने लिखा, "काले रंग का यह सीन इतिहास में दर्ज हो जाएगा और हमेशा हमारे दिलों में रहेगा।" वहीं एक अन्य ने लिखा, "वह फव्वारा वाला सीन आपका अब तक का सबसे बेहतरीन अभिनय था। आप इसके लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री होंगी। यह कमाल का था।"

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उम्र या बीमारी कभी हार नहीं, ये है मनीषा का संदेश 

मनीषा कोइराला ने खासकर महिलाओं के लिए एक शक्तिशाली संदेश दिया है। उन्होंने उन सभी लोगों से हार न मानने का आग्रह किया है, जो सोचते हैं कि उनकी उम्र ढल चुकी है या रजोनिवृत्ति एक बीमारी है। उन्होंने लिखा, "आपको जो लगता है कि आपका समय बीत चुका है, चाहे वह उम्र, बीमारी या किसी भी तरह की असफलता के कारण हो, कभी हार मत मानो!" 

बॉलीवुड में 1990 और 2000 के दशक की अभिनेत्रियों की धमाकेदार वापसी मनोरंजन जगत के बदलते परिदृश्य को दर्शाती है। ओटीटी प्लेटफॉर्म की लोकप्रियता के साथ मनीषा कोइराला, माधुरी दीक्षित, रवीना टंडन और सुष्मिता सेन जैसी अभिनेत्रियां प्रतिभा दिखाने और रूढ़िवादि पात्रों से बाहर निकलने का मौका पा रही हैं। यह न सिर्फ दर्शकों के लिए बल्कि पूरे फिल्म उद्योग के लिए खुशी की बात है, जहां अब कहानियों में बदलाव के साथ कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा के अनुरूप दमदार किरदार निभाने का मौका मिल रहा है। 

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