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Photograph: (youtube)
Mom – Does This Film Empower Women?: बॉलीवुड में कई फिल्में आई हैं जो महिलाओं के संघर्ष और सशक्तिकरण को दर्शाती हैं, लेकिन "मॉम" (2017) एक ऐसी फिल्म है जो एक मां के साहस, आत्मनिर्भरता और निडरता को खूबसूरती से पेश करती है। श्रीदेवी द्वारा निभाया गया किरदार दर्शकों को यह सोचने पर मजबूर कर देता है कि एक मां अपने बच्चे के लिए किस हद तक जा सकती है।
मॉम – क्या यह फिल्म महिलाओं को सशक्त बनाती है?
फिल्म की कहानी देवकी (श्रीदेवी) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक मां और शिक्षक हैं। जब उनकी बेटी आर्या पर एक भयावह अपराध होता है और कानून उसे न्याय देने में असफल हो जाता है, तब एक मां का दर्द बदले की आग में बदल जाता है। यह फिल्म दिखाती है कि जब एक महिला अन्याय के खिलाफ खड़ी होती है, तो वह किसी भी चुनौती का सामना करने से पीछे नहीं हटती। मॉम सिर्फ एक बदले की कहानी नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की सबसे खूबसूरत मिसाल है। यह हर महिला को यह एहसास कराती है कि चाहे हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों, वह अपनी ताकत और हिम्मत से कुछ भी हासिल कर सकती है।
फिल्म यह भी दर्शाती है कि एक महिला केवल सहनशीलता और करुणा की प्रतीक नहीं होती, बल्कि जब ज़रूरत पड़ती है, तो वह किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहती है। "मॉम" हर उस व्यक्ति के लिए एक सबक है, जो महिलाओं की शक्ति को कम आंकता है।
कैसे दिखता है महिला सशक्तिकरण?
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एक मां की शक्ति: फिल्म यह संदेश देती है कि एक मां सिर्फ प्यार और देखभाल करने वाली नहीं होती, बल्कि वह अपने बच्चों के लिए लड़ने का साहस भी रखती है।
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न्याय के लिए संघर्ष: देवकी का संघर्ष उन महिलाओं के लिए प्रेरणादायक है, जो अन्याय सहने की बजाय उसका डटकर सामना करना चाहती हैं।
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आत्मनिर्भरता और हिम्मत: बिना किसी पुरुष सहारे के, देवकी खुद अपने तरीके से इंसाफ पाने की ठानती है, जो महिला सशक्तिकरण का सबसे बड़ा उदाहरण है।
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भावनात्मक और मानसिक मजबूती: यह फिल्म दर्शाती है कि महिलाओं में केवल भावनात्मक ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत होने की ताकत होती है।
फिल्म क्यों प्रेरणादायक है?
- यह महिलाओं को सिखाती है कि वे किसी भी स्थिति में खुद को कमजोर न समझें।
- यह समाज को एक सशक्त संदेश देती है कि एक महिला अपने परिवार और खुद के सम्मान के लिए किसी भी हद तक जा सकती है।
- यह फिल्म न सिर्फ एक मां की कहानी है, बल्कि हर उस महिला की कहानी है जो अन्याय के खिलाफ आवाज उठाती है।