Neena Gupta Top 5 Films: पुरानी फिल्मों में भी एक्टिंग किसी से कम नहीं

Neena Gupta Top 5 Films: पुरानी फिल्मों में भी एक्टिंग किसी से कम नहीं Neena Gupta Top 5 Films: पुरानी फिल्मों में भी एक्टिंग किसी से कम नहीं

Sanjana

05 Jul 2022

नीना गुप्ता कई दशकों से बॉलीवुड इंडस्ट्री में एक्टिंग कर रही है। वह ageism जैसे अवरोधों से लड़कर आज भी एक से एक बेहतरीन किरदार निभाती है। उनके काम को और उन्हें अब सही पहचान मिली है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह इंडस्ट्री में नई है। फिल्म बधाई हो में उनकी जबरदस्त परफॉर्मेंस के बाद उन्हें बहुत से बड़े और अच्छे ऑफर आए हैं।

वह शुरू से ही बहुत जबरदस्त एक्टर रही है। उन्होंने अपनी पुरानी फिल्मों में भी कोई कम शानदार एक्टिंग नहीं की है। हम आपको बताने जा रहे हैं ऐसी कुछ फिल्मों के बारे में जिनमें नीना ने अपनी जवानी में काम किया था।

1. वो छोकरी

सुभांकर घोष द्वारा डायरेक्ट की गई वो छोकरी में नीना गुप्ता ने गीता देवी का किरदार निभाया है। इस फिल्म में अपनी परफॉर्मेंस के लिए नीना को बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर के लिए नेशनल अवार्ड भी मिला है। उनका किरदार अपनी जिंदगी के अलग-अलग दौर में स्ट्रगल करता है। वह एक समृद्ध लेकिन विधवा महिला की कहानी है जिसकी कहानी का अंत ज्यादा अच्छा नही होता।

2. त्रिकाल

1985 में रिलीज हुई इस फिल्म को श्याम बेनेगल ने डायरेक्ट किया है। इसमें नीना ने आज तक की बेस्ट परफॉर्मेंस दी है। वह इसमें एक ऐसी बच्ची का किरदार निभाती हैं जिसका पिता मर चुका है। वह डोना मारिया की नौकरानी का किरदार निभाती हुई साइलेंट वाचर है।

3. मंडी

इसमें नीना गुप्ता नहीं एक सेक्स वर्कर का किरदार निभाया है। यह एक बंगाली फिल्म है जो गुलाम अब्बास की उर्दू शार्ट स्टोरी आनंदी का सजीव चित्रण है। इस फिल्म में मीना के अलावा शबाना आज़मी, सोनी राजदान और स्मिता पाटिल जैसे कुशल कलाकारों ने काम किया है।

4. सूरज का सांतवा घोड़ा

धर्मवीर भारती की नॉवेल The Sun's Seventh Horse पर आधारित यह भारतीय हिंदी फिल्म 1992 में रिलीज हुई थी। इससे भी श्याम बेनेगल ने ही डायरेक्ट किया है। इस फ़िल्म में नीना गुप्ता ने सत्ती नाम की महिला का किरदार निभाया है। यह कहानी लेखक और उसकी पहचान की तीन महिलाओं पर आधारित है।

5. द लास्ट कलर

द लास्ट कलर ऐसी फिल्म है जिसे मेंस्ट्रीम मूवी ना होने के बावजूद भी जरूर देखना चाहिए। यह एक विधवा औरत की कहानी है जो नौ साल की बच्ची की दोस्त जाती है। वह छोटी बच्ची अपने दोस्त की जिंदगी में कुछ रंग भरना चाहती है।

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