गर्लफ़्रेंड्स को क्या पसंद आता है, इसको लेकर ढेरों ओपीनीनियन मिल जाएँगे लेकिन ये ओपिनियन्स बेहद समान्य और अक्सर स्टीरिओटिपिकल होते हैं। किस लड़की को क्या अच्छा लगता है ये पूरी तरह से उसकी चॉइस पर डिपेंड करता है, उसके जेंडर पर नहीं इसलिए लड़कों को गर्लफ्रेंड्स के मामले में अपनी सोच बदलने की ज़रूरत है। इस लेख में मैं आपको बताऊंगी कि बतौर गर्लफ़्रेंड वो क्या चीज़ें हैं जो मैं अपने बॉयफ़्रेंड से बिल्कुल नहीं चाहती, जिससे लड़कियाँ इससे इत्तेफ़ाक रखती हैं।

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5 चीज़ें जो मैं अपने बॉयफ़्रेंड से एक्सपेक्ट नहीं करती

1. महँगे गिफ़्ट्स

हाल ही में मुझसे एक दोस्त ने पूछा “आपको तो बॉयफ्रेंड्स से बहुत गिफ्ट्स मिले होंगे न?” मेरा ‘नहीं’ सुन कर उसने मुझे ऐसे देखा जैसे मैं किसी दूसरे गृह की प्राणी हूँ। ये एक मशहूर स्टीरियोटाइप है कि लड़कियों को महँगे गिफ्ट्स पसंद आते हैं इसीलिए लड़की को इंप्रेस करना हो या गर्लफ़्रेंड का बर्थडे हो, लड़के अपनी जेब खाली करने को तैयार बैठे रहते हैं।

ये बस एक मिथ है जो लड़कियों की इमेज तो खराब करता है ही है, लड़कों को भी ऑब्जेक्टिफ़ाय करता है। अगर कोई प्यार से कुछ देता है तो उसे लेने में कोई दिक्कत नहीं है पर मैं कभी नहीं चाहूँगी कि मेरा बॉयफ़्रेंड मुझे आये दिन गिफ्ट्स दे और वो भी महँगे। वैसे भी, पार्टनर के लिए स्पेशल चीज़ें करना दोनों लोगों का काम है, और ये बिना पैसे खर्च किए भी किया जा सकता है।

2. ब्यूटी पर काॅम्प्लिमेंट्स

लड़के ये समझते हैं कि लड़कियों के लिए उनकी खूबसूरती से ज़रूरी कुछ भी नहीं इसलिए उन्हें ब्यूटी पर काॅम्प्लिमेंट्स देते रहते हैं। मैंने दोस्तों के बीच कई ऐसी कविताएँ सुनी हैं जिसमें उन्होंने अपनी प्रेमिका का रूप वर्णन किया है लेकिन एक भी ऐसी कविता नहीं सुनी जिसमें उनकी काबिलियत का वर्णन हो। ऐसा नहीं है कि मुझे तारीफ़ पसंद नहीं पर हर तारीफ़ मेरी बॉडी से जुड़ी हो, ये मैं नहीं चाहती।

3. रोज़ ‘आई लव यू’ बोलना

रिलेशनशिप का मतलब हर रोज़ ‘आई लव यू’ बोलना नहीं होता, कमसे कम मेरे लिए तो नहीं। इससे इन शब्दों की वैल्यू घट जाती है और फ़िर मेरे लिए ‘आई लव यू’ भी फैमिली ग्रुप्स के गुड मॉर्निंग और गुड नाइट की तरह हो जाएगा, जिसे देख-देख कर मैं पक चुकी हूँ।

हर रोज़ इज़हार करने से बेहतर होगा कि वो मुझे हर रोज़ पहले से ज़्यादा समझने की कोशिश करे। चाहे तो ओकेशनली लेटर लिख दे या कोई कविता पढ़ दे, इतना काफ़ी होगा और कीमती भी।

4. बॉडीगार्ड बनना

जब मैंने अपने बॉयफ़्रेंड से जिम जाने की इक्षा जताई तो उसने कहा “मैं हूँ ना” जिसपे मैंने कहा ‘डूड, मुझे बॉडी चाहिए, बॉडीगार्ड नहीं’। मैं अपने साथी से ये उम्मीद बिल्कुल नहीं रखती कि वो शाहरुख खान बन कर मुझे प्रोटेक्ट करे। बॉयफ़्रेंड का मतलब बॉडीगार्ड नहीं होता। किसी का हर वक़्त मेरे साये की तरह साथ चलना, मुझे कैद जैसा लगेगा और कोई मेरी फ्रीडम छीनने की कोशिश करे, ये मैं बर्दाश्त नहीं कर सकती।

5. मुझे ‘बाबू’ या ‘बच्ची’ बोलना

लड़कों को शायद बोल्ड और समझदार लड़कियाँ खटकती हैं इसलिए अकसर अपनी गर्लफ़्रेंड को बच्ची बना देते हैं। हालाँकि ये एक सब्जेक्टिव मैटर है और कुछ लड़कियों को ये करना अच्छा लग सकता है, लेकिन मुझे बच्ची बनना या ऐसे किसी भी निकनेम से पुकारा जाना पसंद नहीं है। प्यार से बुलाने के लिए मेरा नाम ही काफ़ी है।

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