हालांकि देश में महिला विद्यार्थियों की संख्या बाकियों के मुकाबले कम है पर फिर भी 2015-16 से 2019-20 के सत्र में महिलाओं की एनरोलमेंट हायर एजुकेशन में 18% तक बढ़ी है। इसका मतलब है  महिलाएं हायर एजुकेशन में अब आगे बढ़ रहीं हैं।

हाल ही में हुआ एक सर्वे ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन 2019-20 गुरुवार को रिलीज किया गया जिसमें यह बताया गया कि इस बार पिछले 5 सालों के मुकाबले 18% महिलाओं ने हायर एजुकेशन में ज्यादा जगह बनाई है।

हालांकि प्रोफेशनल और टेक्निकल कोर्सेज में अभी भी महिलाओं की एनरोलमेंट काफी कम ही है।

महिलाओं का ग्रॉस एनरोलमेंट ratio 27.3% है जोकि पुरुषों के 26.9% से कहीं ज्यादा है। सर्वे में यह भी पाया गया कि इस बार महिलाओं का M.A, M.sc, और एमकॉम में पिछले 5 सालों में ज्यादा पार्टिसिपेशन रहा है।

हायर एजुकेशन रिपोर्ट क्या बताती है ?

रिपोर्ट बताती है कि पिछले 5 सालों में हायर एजुकेशन के कोर्स इसमें 11.4 प्रतिशत विद्यार्थियों का एनरोलमेंट बड़ा है। इसी के साथ महिलाओं की एनरोलमेंट दर भी 18.2% बढ़ी है। जेंडर चैरिटी इंडेक्स बताता है कि महिलाओं को इन सालों में हायर एजुकेशन में ज्यादा मौका मिलने के कारण इंडेक्स ने भारी अंतर नहीं है।

2019-20 जीपीआई 1.01 था जोकि 2018-19 में 1% था जो यह बताता है कि महिलाओं का सर हायर एजुकेशन में पुरुषों के मुकाबले अच्छा हुआ है।

रिपोर्ट बताती है महिलाओं की संख्या प्राइवेट ओपन यूनिवर्सिटी में स्टेट पब्लिक यूनिवर्सिटीज के मुकाबले काफी कम है।

महिलाएं हायर एजुकेशन के लिए आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स में पार्टिसिपेशन ज्यादा करते हुए दिखी है हालांकि अंडर ग्रेजुएट कोर्सेज में BCA, B. B. A या BE, B.Tech और एलएलबी में अभी भी उनकी संख्या काफी कम है।

उत्तर प्रदेश में हायर एजुकेशन में विद्यार्थियों का एनरोलमेंट पूरे भारत में सबसे ज्यादा है। जहां 49.1% पुरुष और 50.9% महिलाओं ने हायर एजुकेशन में एनरोलमेंट कराया है। इसके बाद कर्नाटक में महिलाओं का सबसे ज्यादा एनरोलमेंट 50.2% है।

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