हर बेटी की सबसे पहली दोस्त उसकी मां होती है। लेकिन एक बार मां अपनी बेटियों को अपने हिसाब से बदलने की कोशिश करती हैं। हालांकि गलती मां की भी नहीं होती क्योंकि उन्हें दीया से गई समझाया गया है कि लड़कियों को ससुराल में तमीज से रहना चाहिए।

बदलते समय के साथ मां को भी यह बात समझनी चाहिए कि तब का जमाना और अब का जमाना बिल्कुल अलग है। बेटियों पर अपनी प्रथा नहीं थोपनी चाहिए। इसलिए ध्यान रखें कि अपनी शादीशुदा बेटी को यह पांच बातें ना बोलें।

1. ससुराल में अच्छा बर्ताव रखना

हमेशा बेटियों को सिखाया जाता है की शादी के बाद तमीज से रहना और परिवार को सही सेे संभालना। क्योंकि बेटियों का ससुराल में बर्ताव दिखाता है कि उसकी मां ने उसे क्या सिखाया है। लेकिन क्या यह सही है? क्या शादी के बाद बेटियों को उन चीजों को भी सहना चाहिए जो गलत है ? क्या किसी और के लिए अपने आप को बदलना सही है? बिल्कुल नहीं, खुद को किसी और के लिए बदलना गलत है। ससुराल में हो रहे अन्याय को इसीलिए सहे ताकि आपकी बेटी अच्छी बहू कहलाए यह गलत है।

क्या आप चाहती हैं कि आपकी बेटी यह सब बर्दाश्त करें ? अपनी बेटी को एडजस्ट करने के बजाए गलत के लिए लड़ना सिखाएं।

2. तुम्हारा भाग्य बहुत अच्छा है

यह कंपलीमेंट अक्सर हर लड़की को सुनने मिलता है। दरअसल घरवालों को मानना होता है कि एक अच्छा लड़का मिलना अच्छा ससुराल मिलना लड़कियों का भाग्य खोल देता है। लेकिन जितने लड़की भाग्यशाली होती हैं उतने ही लड़के भी।

एक व्यक्ति की जिंदगी अपनी खुद की जिंदगी होती है। शादी के पहले या शादी के बाद वह कैसे जीना चाहता है उस पर निर्भर करता है। अगर कोई लड़का शादी के बाद अपनी पत्नी को काम करने दे रहा है तो तू उसका भाग्य नहीं बल्कि उसका हक है। इसीलिए यह कहना बंद करें कि शादी के बाद तुम्हारा भाग्य खुल गया है

3. तुम्हें अपनी प्रियरिटीज सोचने चाहिए

अक्सर लड़कियों को यह बोला जाता है कि शादी उनकी जिंदगी में सबसे ज्यादा जरूरी है। अगर एक लड़की टैलेंटेड है अपने सपने को पूरा करना चाहती है तो इसमें गलत क्या है? इसके बजाय एक मां को अपनी बेटी को प्रोत्साहित करना चाहिए कि वह ऐसा पार्टनर ढूंढ ले जो अपना सपना पूरा करने से रोके नहीं।

अगर आपकी बेटी का प्रायरिटीस आप से अलग है तो इसका यह मतलब नहीं कि वह गलत कदम पर चल रही है। इसीलिए अपनी बेटियों को यह बात कहना बंद करें।

4. अब हम तुम्हारे परिवार नहीं है

लड़की सुनती होगी कि अब तुम पराया धन हो चुकी हो, ससुराल ही तुम्हारा नया परिवार है। जबकि यह कहना गलत है महिला अपनी शादी के बाद भी अपने परिवार का ख्याल रख सकती है। शादी के बाद भी ससुराल से ज्यादा उसके लिए जरूरी उसके मां-बाप होते हैं। इसलिए तो कहना गलत है कि अब हम तुम्हारे परिवार नहीं है। बेटी मां

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