5 Things You Must Tell Your kids: 5 बातें जो अपने बच्चे को जरूर बताएं

5 Things You Must Tell Your kids: 5 बातें जो अपने बच्चे को जरूर बताएं 5 Things You Must Tell Your kids: 5 बातें जो अपने बच्चे को जरूर बताएं

SheThePeople Team

14 Feb 2022


अक्सर पेरेंट्स को लगता है कि बच्चे जब बड़े होंगे तब खुद-ब-खुद समझदार हो जाएंगे। वक़्त के साथ उनकी आदतें , व्यवहार सब बदल जायेगा या स्कूल व टीचर पर बात छोड़ देते है। बच्चों से बात करने में जिजकते है कि कहीं वो नाराज़ ना हो जाएं या बात समझेगें भी या नहीं पर इस डर से बच्चों से बात ना करना आपकी बहुत बड़ी गलती हो सकती है। जानिए कुछ बातें जिन्हें बच्चों को बताना पेरेंट्स की ज़िम्मेदारी है।

Things You Must Tell Your kids - 


1. गलती एक्सेप्ट करना

बच्चों को अगर बचपन में ही गलती को स्वीकार करना सीखा दिया जाए तो आगे चलकर वह सतर्क रहेंगे और गलती एक्सेप्ट करने में जिजकेगे नहीं। गलती मान लेने से व्यक्ति को बाद में पछतावा नहीं होता और दूसरा व्यक्ति भी बात भूल जाता है। उन्हें अलग- अलग उदाहरण, स्टोरी सुनाएं जिससे उन्हें गलत एक्सेप्ट कर सच बोलने की शिक्षा मिले।

2. आप उन्हें प्यार करते हैं

माता- पिता और बच्चे के बीच में अक्सर मन-मुटाव आते रहते है और तब बच्चों को लगता है कि उनके पेरेंट्स उनसे प्यार नहीं करते। गुस्सा करने के साथ माता-पिता को अपने बच्चों से अपनी फीलिंग्स व प्यार भी जाताना चाहिए। बच्चे उनके लिए कितने स्पेशल है यह महसूस अवश्य कराएं।

3. दूसरों पर निर्भर होना

पेरेंट्स अपने बच्चे के प्यार में उनके लिए कुछ भी करने को तैयार हो जाते है। उन्हें तकलीफ़ ना हो तो उनका काम भी खुद करते है पर यह उनकी आदतें बिगाड़ सकता है। इसलिए बचपन से ही उन्हें थोड़ा-थोड़ा काम खुद करने को दें, उन्हें कुछ ज़िम्मेदारियाँ भी दे, छोटे टार्गेट्स जिससे वह आत्मनिर्भर बनेंगे।

4. आप उनके साथ है

टीनएज में बच्चों की ज़िन्दगी में काफी बदलाव आते है जैसे कि दोस्तों से दूर होना, उनसे अलग हो जाना, ब्रेकअप आदि। ऐसे में वह अकेला महसूस करते है और डिप्रेशन, एंग्जायटी का शिकार हो सकते है, इसलिए बच्चों को अपनी मौजूदगी जताते रहे। पेरेंट्स के साथ-साथ आप दोस्त बनकर उनका साथ दें।

5. जैलिसी ना करना

पेरेंट्स अपने बच्चों को हर ख़ुशी देने की कोशिश करते है पर कुछ चीज़े उनकी लिमिट से बाहर होती है, अफ़्फोर्ड नहीं कर पाते। दूसरे बच्चे की अच्छी व मनचाही चीज़ देखकर या उनकी सफलता, अच्छे मार्क्स, बेटर ओपर्चुनिटी देखकर जैलस होते है। ऐसे में उन्हें यह समझाना ज़रूरी है कि जैलिसी किसी बात का हल नहीं है। अपनी मिस्टेक्स को देखे और इम्प्रूवमेंट करने की कोशिश करें।


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