न्यू मॉम्स में एजिंग की समस्या का लिंक sleep loss से : जानिए इससे जुड़े कुछ फैक्ट्स

न्यू मॉम्स में एजिंग की समस्या का लिंक sleep loss से : जानिए इससे जुड़े कुछ फैक्ट्स न्यू मॉम्स में एजिंग की समस्या का लिंक sleep loss से : जानिए इससे जुड़े कुछ फैक्ट्स

SheThePeople Team

10 Aug 2021




न्यू मॉम्स में एजिंग की समस्या - प्रेगनेंसी के 3 महीनों के बाद ही महिलाओं में sleep loss की परेशानियां दिखाई देने लगती हैं। प्रेग्नेंट लेडी के हार्मोनल changes और फिजिकल changes के कारण sleep loss हो जाता है। प्रेगनेंसी के बाद भी ये समस्या कई न्यू मॉम्स में पायी गयी हैं।डॉक्टर्स की सलाह के हिसाब से न्यू मॉम्स को कम से कम 7-9 घंटे की sleep जरुरी होती है। कई बार महिलाओं को प्रेगनेंसी के बाद एजिंग की समस्या आने लगती है। इसका sleep loss से क्या कनेक्शन हैं , इससे जुड़ें फैक्ट्स - न्यू मॉम्स में एजिंग की समस्या

प्रेगनेंसी के बाद और बढ़ सकती है ये समस्या

एक स्टडी के अनुसार , जो माँ दिन में कम से कम 7 घंटे की नींद नहीं लेती उनके वाइट ब्लड सेल्स में मौजूद DNA का पार्ट नार्मल माँ और महिलाओं की तुलना में छोटा होता है। इससे ऐसे समझा जा सकता है कि प्रेग्नन्सी के बाद बच्चों कि जिम्मेदारी से रातों को काम नींद लेना न्यू मॉम के हेल्थ को शार्ट टर्म इफ़ेक्ट तो देता ही है साथ ही लॉन्ग टर्म के लिए एजिंग जैसी समस्या भी आती है।

हो सकता है sleep deprivation न्यू मॉम्स में एजिंग की समस्या

कम नींद से महिलाओं में sleep deprivation की खतरों को भांपा जा चुका है। एक सर्वे के अनुसार कई न्यू मॉम्स को अपनी समस्या बताने का कार्य आलरेडी कर थे। University of California and Los Angeles के प्रोफेसर जूडिथ करोले का मानना है कि पोस्टपार्टम यानि कि डिलीवरी के शुरूआती महीनों में न्यू मॉम्स में sleep deprivation कि समस्या पायी गयी जिससे उनकी फिजिकल हेल्थ पर भी बुर सर पड़ा।Sleep Deprivation से एजिंग का खतरा बढ़ जाता है। न्यू मॉम्स में एजिंग की समस्या

UCLA की research का दावा

क्या न्यू मॉम्स में sleep loss की प्रॉब्लम कहीं ना कहीं एजिंग से जुडी है? इस बात की पुष्टि University of California and Los Angeles ने किया है। वहां के साइंटिस्ट्स ने 33 न्यू मदर्स पर अपना ये एक्सपेरिमेंट किया, जिसमे उन्होंने न्यू मदर्स के DNA सैम्पल्स से उनके क्रोनोलॉजिकल ऐज और बायोलॉजिकल ऐज को determine किया। पीस एक्सपेरिमेंट में पाया गया कि प्रेगनेंसी के एक साल के अंदर वो माँ जिन्होने रात को 7 घंटों से काम की नींद ली उनकी बायोलॉजिकल ऐज 7 से 8 साल बढ़ी हुई है।

UCLA के साइंटिस्ट की सलाह

इस एक्सपेरिमेंट के बाद सइंटिस्टों की टीम इस नतीजे पर पहुंची कि प्रेगनेंसी के बाद नींद में हर एक घंटे की बढ़त , न्यू मॉम्स की बॉयलोजिकल ऐज को younger बनती हैं। UCLA में Immunologist जेन और टेरी सम्मुएल का कहना हैं कि प्रेगनेंसी के दौरान और उसके बाद भी अच्छी नींद आपके हेल्थ के लिए उतना ही जरुरी हैं जितना डाइट और एक्सरसाइज है।न्यू मॉम्स में एजिंग की समस्या

 


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