आज कल सभी मम्मी-पापा नौकरी करते हैं। ऐसे में जहाँ बाहर और नौकरी की ज़िम्मेदारी दोनों की होती  हैं | वहीं घर की ज़िम्मेदारी अभी भी केवल मम्मी या यूं कहें की औरतों तक आकर  रुक जाती हैं। लेकिन बहुत ज़रूरी है की बच्चों के पालने में भी मम्मी और पापा दोनों का बराबर किरदार हो। वे दोनों ही अपने बच्चे की ज़िम्मेदारी लें। ऐसे में सवाल ये उठता है की बच्चे के पालन-पोषण और उनकी देखभाल में आप अपने पति को कैसे शामिल कर सकते हैं? आइए, हम बताते हैं आपको बच्चों की देखरेख में पिता को शामिल करने के टिप्स ।

इन तरीकों से अपने पति को अपने बच्चों के पालम-पोषण में करें शामिल

1.सुबह से ही दें उन्हें बच्चे को संभालने की जिम्मेदारी

अक्सर ऐसा देखा जाता है की बच्चों को सुबह उठाने की ज़िम्मेदारी मम्मी की ही होती  हैं। वह ही सुबह जल्दी उठकर बच्चे को उठती है और साथ ही साथ बाकी ज़िम्मेदारियाँ भी पूरी करती  हैं। ऐसे में दिन की शुरुआत अपने पति को बच्चे की देखरेख में शामिल करके की जा सकती    हैं।सुबह बच्चे को उठाने की और उसके काम करने की ज़िम्मेदारी अपनी पति को दें और आप घर के काम संभाले।

2. बच्चों को स्कूल छोड़ने वो जाएं, लेने आप जाएं

बच्चों को स्कूल से लाने और ले जाने की ज़िम्मेदारी भी एक-दूसरे के साथ बाँटें। सुबह आपके पति बच्चे को स्कूल छोडने जा सकते हैं और लेने के लिए आप जा सकती हैं। इस तरह आप दोनों को बच्चे के साथ टाइम बिताने और स्कूल की बातें जानने का मौका मिलेगा। बच्चों की देखरेख में पिता को शामिल करने के टिप्स का ये सबसे आसान तरीका है।

3. पेरेंट्स मीटिंग साथ अटेंड करने की कोशिश करें

अक्सर बच्चों के स्कूल में टीचर और मम्मी-पापा के मीटिंग्स होती रहती है और ऐसी मीटिंग्स में छुट्टी न मिल पाने के कारण अक्सर केवल मम्मी ही जाती हैं। आपके पति के लिए भी ये जानना बहुत ज़रूरी है की बच्चे के स्कूल में क्या हो रहा   हैं।इसलिए अगर एक मीटिंग आप अकेले अटटेंड करती है तो दूसरी में अपने पति को अपने साथ ज़रूर लेकर जाएँ।

4. बच्चों को खाना खिलानें को कहें

अगर आप खाना बना रही है तो बच्चे के साथ बैठकर उसे खाना खिलाने की ज़िम्मेदारी पति को दी जा सकती  हैं। इस तरह से वह बच्चे के साथ तसल्ली और प्यार से काम करना सीखेंगे।  बच्चे के साथ खाना खाते हुए समय बिताना दोनों में प्यार को भी बढ़ाएगा।

5. साथ बाहर घूमने जाएं

हफ्ते में एक दिन अपने पति और पूरे परिवार के साथ घर में या घर से बाहर बच्चे के साथ समय ज़रूर बिताएँ। उन्हें अपनी बातें बताने का मौका दें और उनके साथ अपने दिनभर के कुछ किस्से बाँटें।

6. बच्चों को कहानी सुनाने का मौंका उनके पापा को भी दें

रात को बच्चों का कहानी सुनकर या बातें करके सोना अक्सर ही पसंद होता हैं। क्यों न वह ज़िम्मेदारी कभी-कभी अपने पति को दी जाए। इससे बच्चे पापा के साथ भी सहज होना और मम्मी के बिना सोना भी सीखेंगे।

ये बच्चों की देखरेख में पिता को शामिल करने के टिप्स हैं जिससे आप अपने पति पर बोझ बढ़ाए बिना उन्हें बच्चों के पालन-पोषण और देखरेख में शामिल कर सकती हैं.

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