जब बच्चे बड़े होते हैं तब उनके शरीर, व्यवहार और भावों में बदलाव आते हैं, ये बदलाव लड़कियों में 10 साल की उम्र के बाद आना शुरू हो जाते हैं और लड़कों में 12-13 साल की उम्र में। ऐसे में बच्चों को अपने अंदर आ रहे बदलावों की पूरी जानकारी होनी चाहिए। तो आइये जानते हैं प्यूबर्टी के बदलाव के बारे में बच्चों को जानकारी क्यों ज़रूरी-

प्यूबर्टी होती क्या है?

बच्चों में जब 10 साल की उम्र के बाद शरीर व्यवहार बदलाव आना शुरू होते हैं इस प्रक्रिया को प्यूबर्टी कहते हैं। प्यूबर्टी के दौरान होने वाले बदलाव कुछ इस प्रकार है

लडकियों में-

  • हिप्स व चेस्ट की शेप में बदलाव आना, उनका उभरना
  • चेहरे पर पिंपल्स, दाने व ज्यादा पसीना आना,
  • लंबाई बढ़ना,
  • टांगों का मोटा होना और उनका रंग दबना,
  • अंडर आर्म्स और प्राइवेट जगह पर बाल आना
  • पीरियड्स

लड़कों में-

  • पीनस और टेस्टिकल्स का साइज बड़ा होना
  • आवाज का फटना
  • चेहरे,अंडर आर्म्स व प्राइवेट जगह पर बाल आना
  • कभी-कभी वेट ड्रीम्स आना जिसके दौरान उनके पीनस से तरल पदार्थ बाहर आता है
  • उनकी बाजू का चौड़ा होना इत्यादि
  • एरेक्शंस

बच्चों को प्यूबर्टी के बारे में बताना क्यों जरूरी है ?

1. आज के समय में बच्चों को अपनी उम्र के हिसाब से इंटरनेट, टेलीविजन, फिल्म की मदद से सेक्स जैसी बातों के बारे में बहुत पहले ही पता चल जाता है। इसलिए चीजों की पूरी और सही जानकारी उनके लिए ज़रूरी है।

2. बच्चों में जब बदलाव आते हैं तो व खुद को बाकियों से अलग समझने लगते हैं जिसके कारण वे खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। इसलिए उन्हें बताना ज़रूरी है कि ये सब नॉर्मल है।

3. लड़का और लड़की में प्यूबर्टी के बदलाव अलग-अलग होते हैं इसलिए उन्हें अपने साथ-साथ सामने वाले की प्यूबर्टी के बदलावों के बारे में भी पूरी जानकारी होनी चाहिए जिससे कि लड़का लड़की एक दूसरे का मजाक ना बनाएं और भावनाओं को समझें।

तो ये थी प्यूबर्टी के बदलाव की सूची और बच्चों को प्यूबर्टी के बारे में क्यों बताना चाहिए के कारण।

 

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