300 पल्स ऑक्सीमीटर दान: बेंगलुरु के एक निजी स्कूल के कक्षा 10 के दो छात्रों ने कथित तौर पर कमजोर परिवारों को 300 पल्स ऑक्सीमीटर दान करने के लिए 24 घंटे में लगभग दो लाख रुपये जुटाए हैं, जो आर्थिक तंगी के कारण खुद नहीं ले सकते थे।
कोरोनोवायरस की दूसरी लहर के बीच स्नेहा राघवन और श्लोका अशोक ने बेंगलुरु स्थित एक एनजीओ को ऑक्सीमीटर दान किया, जो कमजोर समूहों की सेवा करता है। स्नेहा और श्लोका की पहल से बेंगलुरु में झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले और उत्तरी कर्नाटक के कोप्पल में ग्रामीण महिलाओं को ऑक्सीमीटर वितरित करने में मदद मिलेगी।

महज 24 घंटे के भीतर, लड़कियों ने पोस्टर डिजाइन किए और एक फंडरेज़र बनाया। वे विभिन्न ऑक्सीमीटर निर्माताओं तक पहुंचने में भी सक्षम थे और सबसे कम से कम प्राइस के सौदे के लिए तय किये । “मैंने कम से कम पांच निर्माताओं से बात की, लेकिन कमी के कारण, कुछ ने उच्च कीमतों की मांग की। हमने 2 लाख रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन हमने इसे 14,000 रुपये से अधिक जमा कर लिए हैं। हमने ऑक्सीमीटर की संख्या बढ़ाकर 300 कर दी। श्लोका जिसके एक्साम्स पोस्टपोनड हो गए हैं ,ने द न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने बताया ।

आगे और भी ऐसी सामाजिक पहल करेंगे

“हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारी पहल को इतना अपार समर्थन और प्रतिक्रिया मिलेगी। हम सभी दानदाताओं के अत्यंत आभारी हैं। इसने मुझे इस तरह की और सामाजिक पहल करने के लिए प्रोत्साहित किया है, ”स्नेहा ने कहा, जो अब इस तरह की और पहल में भाग लेने और जरूरतमंद लोगों की मदद करने के लिए उत्सुक हैं।

श्लोका ने कहा, “हमारे पास सामाजिक पहलों के लिए अधिक समय है”, यह कहते हुए कि दोनों एक सामाजिक कार्यकर्ता के साथ अधिक COVID-19 पहल पर काम करेंगे। “अब, मैं महामारी और वेक्सिनेशन के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए पोस्टर बना रही हूं, क्योंकि यह बहुत महत्वपूर्ण है,” उसने कहा। ग्रीनवुड हाई इंटरनेशनल स्कूल के ट्रस्टी नीरू अग्रवाल ने कहा कि स्कूल COVID-19 संकट में ऐसे छात्रों को शहर में इस तरह के काम करने में और भाग लेने और योगदान करने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

Feature Image Credit: The New Indian Express

Email us at connect@shethepeople.tv