रिपोर्ट्स के मुताबित कोरोना की तीसरी लहर अक्टूबर में हो सकती है सीरियस

रिपोर्ट्स के मुताबित कोरोना की तीसरी लहर अक्टूबर में हो सकती है सीरियस रिपोर्ट्स के मुताबित कोरोना की तीसरी लहर अक्टूबर में हो सकती है सीरियस

SheThePeople Team

02 Aug 2021


कोरोना की तीसरी लहर - कोरोना के मामले अभी कुछ समय से थमे हुए थे लेकिन अब फिर से बढ़ना चालू हो गए हैं। सरकार और साइंटिस्ट का कहना है कि कोरोना के मामले बढ़ना अगस्त से शुरू हो जायेंगे और अब आज 2 अगस्त है और मामले बढ़ते नज़र भी आ रहे हैं। कोरोना की तीसरी लहर दूसरी जितनी खतरनाक तो नहीं होगी लेकिन नुकसान तो जरूर होगा।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि डेल्टा वैरिएंट जो कि चिकनपॉक्स जितना जल्दी फैलता है और वैक्सीन लगे हुए लोगों को भी हो सकता है और यही थर्ड वेव को बढ़ावा देगा। इंडिया में अभी 40,000 के करीब केसेस निकल रहे हैं और इस संडे को 541 डेथ हुई हैं। डेल्टा के कारण केसेस कई हद तक बढ़ सकते हैं और मामला सीरियस हो सकता है। एक्सपर्ट्स ने यह भी कहा कि अगस्त में एक दिन के मामले 1,00,000 क्रॉस नहीं होंगे अगर बेस्ट तरीके से ध्यान दिया जाये तो।

डेल्टा वैरिएंट क्या होता है ?

डेल्टा वैरिएंट कोरोना का ही एक टाइप है और यह इसलिए इतना खतरनाक है क्योंकि ये कोविद वायरस के स्पाइक प्रोटीन में पाया जाता है। यही प्रोटीन इंसान के सेल्स में जाकर घुसता है। स्टडीज में आया है कि ये आसानी से फैलता है, बढ़ता जल्दी है और लंग सेल्स पर स्ट्रॉन्ग्ली असर करता है। दिल्ली के रिसरचर्स के कहना है कि दिल्ली में हुए इन्फेक्शन्स में तीन चौथाई में ये वैरिएंट पाया गया। ये इन्फेक्शन उन लोगों में हुए जो पहले से ही वैक्सीन ले चुके हैं। इस में से 8% लोगों को कप्पा वैरिएंट और 76% को डेल्टा वैरिएंट हुआ था।

क्या डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ वैक्सीन असरदार है?

इस तरीके के म्यूटेशन होने के कारण हो सकता है कि ये इम्यून सिस्टम को पीछे छोड़ दे और इस से बच जाये। डेल्टा के ऊपर वैक्सीन का असर भी कम होता है। एक वैक्सीन के सिंगल डोज़ से तो इसके खिलाफ बहुत कम प्रोटेक्शन ही होता है। दूसरे डोज़ से इतना प्रोटेक्शन हो सकता है कि आप सीरियस नहीं होंगे। हमें ये याद रखने की जरुरत है कि कोरोना की वैक्सीन हमें पूरी तरीके से बीमारी से नहीं बचती है बस बीमारी को गंभीर होने से बचाती है।

Pfizer वैक्सीन का पहला डोज़ कोरोना के खिलाफ 33 % इफेक्टिव है और दूसरा डोज़ 88 % इफेक्टिव। इसके बाद AstraZeneca वैक्सीन पहले डोज़ के बाद 33 % और दूसरे के बाद 60 % तक इफेक्टिव है।

अभी फिल्हाल जो वैक्सीन इंडिया में इस्तेमाल की जा रही है उनके खिलाफ भी ये इसी तरीके से असरदार होगा। वैक्सीन और डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर अभी सब जगह स्टडीज चल रही हैं।


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