प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए कोरोना की वैक्सीन सही है या नहीं, इस बात पर इन दिनों बहुत चर्चा हो रही है। अभी एक नए शोध में ये बात सामने आई है की कोरोना की वैक्सीन प्रेग्नेंट महिलाओं के प्लासेंटा को डैमेज नहीं करता है। ये शोध प्रेग्नेंट महिलाओं में वैक्सीन के इस्तेमाल पर चल रहे इतने सारे सवालों के बीच में एक बहुत ही सराकत्मक खबर है।

प्लासेंटा की सुरक्षा को बनाये रखना सर्वप्रथम

शोधकर्ताओं ने बताया है की उनके हिसाब से प्रेग्नेंट महिलाओं के प्लासेंटा, जो की प्रेगनेंसी में सबसे एहम ऑर्गन है पर कोरोना की वैक्सीन का ये सबसे पहला शोध है। इस शोध से अब यही उम्मीद जताई जा सकती है की प्रेग्नेंट महिलाओं को वैक्सीन लेने में अब ज़्यादा दिक्कतें पेश नहीं आएँगी और वैक्सीन लेने की उनकी इच्छा में भी बढ़ोतरी होगी।

कैसे हुआ प्लासेंटा पर ये शोध

शोध के दौरान 84 महिलाएं जो अपने प्रेगनेंसी के तीसरे तिमाही में थीं और मॉडेर्ना या पीफ़इज़रवैक्सीन लगवा चुकी थीं उनके प्लासेंटा को 116 महिलाएं जिन्होनें कोई वैक्सीन नहीं ली थी और अपने बच्चे डिलीवर कर चुकी थीं उन सभी के प्लासेंटा को माइक्रोस्कोपिक लेवल पर स्टडी किया गया। उसके बाद उनकी स्टडी में ये बात सामने आई की प्रेग्नेंट महिलाओं के प्लासेंटा को को कोरोना की वैक्सीन से ज़्यादा खतरा नहीं है।

प्लासेंटा क्यों है ज़रूरी

प्लासेंटा प्रेगनेंसी में बनने वाला सबसे पहला ऑर्गन है। ये फ़ीटस को सपोर्ट प्रदान करता है और उसके सारे काम खुद करता है जब तक वो अच्छे से विकसित न हो जाये। प्लासेंटा का मुख्य काम है फ़ीटस को ऑक्सीजन पहुंचना जब तक फ़ीटस में फेफड़े विकसित नहीं हो जाते। प्लासेंटा फ़ीटस को नुट्रिशन भी प्रदान करता है। प्लासेंटा फ़ीटस के हार्मोनल और इम्यून सिस्टम को भी संभालता है।

भारत में क्या है वैक्सीन का प्रोटोकॉल ?

भारत के वक्सीनशन प्रोटोकॉल के हिसाब से प्रेग्नेंट और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को वैक्सीन नहीं लेने की सलाह दी जा रही है। पर ब्राज़ील और यूनाइटेड स्टेट्स में प्रेग्नेंट और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को वैक्सीन के लिए कोई मनाही नहीं। हालाँकि कोरोना की वैक्सीन प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए सही है या नहीं इस बारे में अभी भी बहुत चर्चा बाकी है।

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