आज हमें कोरोनावायरस बीमारी से जूझते हुए लगभग 5 महीने हो गए हैं और यह भी साबित हो गया है कि ऐसा समय हमारे पूर्वजों ने भी कभी नहीं देखा। इन 5 महीनों में ऐसा लगा कि मानव जीवन रुक सा गया है। हमें लॉकडाउन के कारण घर से बाहर ना निकलने का आदेश दिया गया। स्कूल बंद हो गए, दिल्ली मेट्रो भी बंद हो गई। काफी समय तक हवाई अड्डे और रेलवे स्टेशन भी बंद थे, लोगों के काम धंधे पर भी इसका बहुत बुरा असर देखने को मिला और दिल दहला देने वाली चीज थी अस्पतालों में बढ़ते हुए Covid केसेस। कहीं हमें भी Covid-19 न हो जाए इस बात का डर कहीं ना कहीं हम सबके मन में बैठ गया है।

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पॉज़िटिव सोचे

यह मानवता के लिए एक कठिन समय है और हमें इसे भगवान द्वारा ली गई हमारी परीक्षा समझ कर गुज़ार देना चाहिए। अब देखिए सकारात्मक या पॉजिटिव सोच से हर कठिनाई आसान लगने लगती है। आप यह सोच कर इस समय को बताइए कि भगवान ने आपको समय दिया है अपने परिवार वालों के साथ बिताने का , समय अपनी सेहत के बारे में सोचने का और अपने भविष्य की योजनाएं बनाने का। अगर इस तरह सोचेंगे तो यह मुश्किल घड़ी भी आसान लगेगी और आप रोज़ स्वस्थ रहने के लिए और Covid-19 मुक्त रहने के लिए भगवान का शुक्रिया अदा करेंगे।

सभी कोरोना वॉरियर्स इंसानियत की एक मिसाल हैं। अगर ये ना होते तो हमारे लिए बीते हुए 5 महीने और आने वाला समय चिंतामुक्त बिताना मुश्किल हो जाता।

कोरोनावॉरियर्स को शुक्रिया

कोरोना से लड़ने की इस पूरी जंग में कुछ ऐसे लोग हैं जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर अपनी सेवाएं हमें दी। हमें पुलिस अफसरों का तहे दिल से शुक्रिया अदा करना चाहिए जिन्होंने लॉकडाउन को ठीक से लागू किया जिससे काफी हद तक Covid cases कम हो पाए। हमें सफाई कर्मचारियों को भी शुक्रिया करना चाहिए जिन्होंने अपनी जान की परवाह करे बिना हमारे आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने में हमारी मदद की। सभी डॉक्टरों और नर्सों को भी हमारा शुक्रिया जो दिन रात covid पेशेंट की जान बचाने के मिशन पर लगे हुए हैं। यह सभी कोरोना वॉरियर्स इंसानियत की एक मिसाल हैं। अगर ये ना होते तो हमारे लिए बीते हुए 5 महीने और आने वाला समय चिंतामुक्त बिताना मुश्किल हो जाता।

यह कोरोना वॉरियर्स सीमा पर लड़ रहे जवानों से कम नहीं है। इन सबको हमारा सलाम और हम आशा करते हैं कि दुनिया में जल्द से जल्द एक अच्छी वैक्सीन आएगी, सब स्वस्थ हो जायेंगे और सब कुछ पहले जैसा हो जाएगा.

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