Disadvantages Of Excess Screen Time: सुबह उठें, और सबसे पहले यंगस्टर्स अपना फोन चेक करें, और सभी सोशल मीडिया ऐप पर नज़र डालें। ऑनलाइन क्लास्सेस या काम के पर्पस के लिए, वे अपने लैपटॉप को बीच में एक या दो ब्रेक के साथ घंटों तक स्विच करते हैं। रात में सोने के लिए, वे फिर से अपने सेल फोन या लैपटॉप में डूब जाते हैं। तो, आप अपने बच्चों की रक्षा कैसे कर सकते हैं? यहाँ वह सब है, जो आपको जानना आवश्यक है।
Disadvantages Of Excess Screen Time: स्क्रीन समय और स्ट्रोक
डिजिटल स्क्रीन के सामने बैठे रहने से हर घंटे, एक इंसान की लाइफ एक्सपेक्टेंसी के 22 मिनट तक कम हो जाते है। यह एक व्यक्ति को स्ट्रोक और कई हृदय रोगों, कैंसर आदि के अधिक संभावना बढ़ाता है। दो घंटे तक डिजिटल स्क्रीन (लैपटॉप, टीवी, सेल फोन, आदि) के संपर्क में रहने से स्ट्रोक की संभावना काफी अधिक हो जाती है। दो घंटे से अधिक या एडिक्शन के मामलों में, स्ट्रोक की संभावना 20% तक बढ़ जाती है।
यूथ में स्ट्रोक का बढ़ना
यंग जनरेशन, विशेष रूप से बच्चे, अपने मोबाइल स्क्रीन से चिपके रहने के लिए भी बदनाम हैं, जो सभी स्ट्रोक की संभावना को बढ़ाते हैं। स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी मेलाटोनिन के प्रोडक्शन को कम कर देती है, जिससे समय पर सोना और जागना मुश्किल हो जाता है।
इस तरह की लाइफस्टाइल से अन्य बीमारियों जैसे मोटापा, डायबिटीज और हार्ट कंडीशन आदि की चपेट में आ जाता है। ये सभी इंटरलिंकेड हैं:
- डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति को स्ट्रोक आने की संभावना दोगुनी होती है, क्योंकि डैमेज ब्लड वेसल्स इस्केमिक स्ट्रोक की शुरुआत को तेज कर देती है।
- हाइपरटेंशन लगभग 50% इस्केमिक स्ट्रोक का कारण है, और हेमोररहागिस स्ट्रोक (ब्रेन ब्लीड) के खतरे को बढ़ाता है।
यहां कुछ लाइफस्टाइल में बदलाव दिए गए हैं, जिन्हें आपके बच्चे अपना सकते हैं:
- यह आवश्यक है, कि वे फिजिकल इनैक्टिवेनेस्स के इलल इफेक्ट्स को न कारने के लिए रोज एक घंटे की सैर करें
- रोजाना 30 मिनट एक्सरसाइज करें
- उनका स्क्रीन टाइम लिमिटेड करें और काम से बार-बार ब्रेक लें।