Disadvantages Of Hormonal Contraceptives: हार्मोनल कॉन्ट्रासेप्शन खाने के 5 बड़े नुकसान

Disadvantages Of Hormonal Contraceptives: हार्मोनल कॉन्ट्रासेप्शन खाने के 5 बड़े नुकसान Disadvantages Of Hormonal Contraceptives: हार्मोनल कॉन्ट्रासेप्शन खाने के 5 बड़े नुकसान

SheThePeople Team

17 Jan 2022


Hormonal Contraceptives: आज के दोर में जहाँ "हम दो, हमारे दो" के नियम को सब अपना रहे है और देश की जनसंख्या को कम करने की कोशिश कर रहे है, वही टेक्नोलॉजी और स्वास्थ विभाग मिलकर बर्थ कंट्रोल को कम करने में योगदान दे रहे है। बिना प्रेग्नेंट हुए सेक्स करने की इच्छा को बर्थ कंट्रोल पिल्स का काफी सहारा मिल रहा है पर इसके महिलाओं की सेहत से जुड़े नुकसान भी पाए गए है जिन पर अभी भी शोध जारी है, आईए जानते है-

1. डिप्रेशन का शिकार

बर्थ कंट्रोल पिल्स का सेवन करने से मितली, उलटी, जी मिचलाना आदि समस्याएं आती है जो बिलकुल सामान्य बात है। शरीर अपने आप को पिल्स के मुताबिक ढाल रहा होता है पर कुछ दिनों बाद यह ठीक न हो तो सेहत संबंधी रोग, तनाव, चिंता बढ़ सकते है। इसकी वजह से अक्सर महिलाएं डिप्रेशन का शिकार हो जाती है।

2. कैंसर की समस्या

विभिन्न कैंसर की दरों पर गर्भनिरोधक गोलियों का मिश्रित प्रभाव देखा गया है। ब्रैस्ट कैंसर के पैटर्न छोटे थे पर शोध का मानना है कि बर्थ कंट्रोल पिल्स का लगातार सेवन करने से कैंसर का खतरा बना रहता है। जिनके परिवार में कैंसर का इतिहास रह चुका हो उन्हें डॉक्टर से सलाह लेकर इनका इस्तेमाल करना चाहिए।

3. STD

बर्थ कंट्रोल पिल्स महिलाओं के लिए बनी प्रेग्नेसी रोकने का साधन है पर इससे सेक्स से होने वाली बीमारियों पर रोक नहीं लगाई जा सकती है। यह सिर्फ प्रेग्नेसी रोकने में मददगार है, सेफ सेक्स करने में नहीं। ऐसे में सेक्स से होने वाले रोग जैसे कि हर्पीस, गोनोरिया(gonorrhea), HIV, AIDS होने की संभावना रहती है।

4. कार्डियोवैस्कुलर डिसीज़

बर्थ कंट्रोल पिल्स होर्मोनेस में बदलाव लाकर प्रेग्नेसी को रोकते है ऐसे में अगर आप पहले से ओबेसिटी, डायबिटीज, दिल की बीमारियों के शिकार है तो होर्मोनेस बदलाव से बीमारियां बढ़ सकती है। हाई bp, कोलेस्ट्रॉल की समस्या आ सकती है। बिना डॉक्टर की सलाह इनका इस्तेमाल करने से बचें।

5. होर्मोनेस पर प्रभाव

बर्थ कंट्रोल पिल्स मेच्चयोर एग्स को गर्भश्या में जाने से रोकते है जिससे स्पर्म का अंडे से मेल नहीं हो पाता और अंडे का विकास नही होता। इसके कारण महिलाओं के पीरियड साइकिल में बदलाव आता है, अनियमित पीरियड्स, पीरियड्स के बीच में स्पॉटिंग आदि की समस्या आती है।


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