स्टेरॉइड्स आर्गेनिक कंपाउंड्स होते हैं जिनका मैन फंक्शन्स हैं हमारे सेल मेम्ब्रेन की फ्लुइडिटी को मेन्टेन रखना और सिग्नल भेजने वाले मोलेक्युल्स की तरह काम करना। आम तौर पर देखा जा रहा है की कोविड पॉजिटिव पेशेंट्स को डॉक्टर स्टेरॉइड्स प्रेस्क्रिब करते है। स्टेरॉइड्स कोविड में असरदार भी साबित हो रहे हैं। हालाँकि इसके इस्तेमाल पर बहुत सारे प्रश्न भी सामने आये हैं।

1. विश्व स्वास्थ संगठन ने अपने कोविड गाइडलाइन्स में शामिल किया है स्टेरॉइड्स को

सितम्बर 2020 में जारी अपने गाइडलाइन में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने डेक्सामेथासोन और बाकी कॉर्टिस्टेरॉइड्स को कोविड के मरीज़ों के लिए रेकमेंड किया था। ये गाइडलाइन्स क्लीनिकल ट्रायल्स के आधार पर विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक्सपर्ट्स और जांचकर्ताओं के पैनल ने जारी किए थे।

2. दो तरह से विश्व स्वास्थ्य संगठन ने किया है स्टेरॉइड्स को कोविड में रेकमेंड

इस रिकमेन्डेशन के अनुसार आप कॉर्टिस्टेरॉइड्स को क्रिटिकल कोविड पेशेंट्स को ओरली भी दे सकते हैं। जो पेशेंट्स ज़्यादा क्रिटिकल नहीं है उनको डॉक्टर अपनी निगरानी में 7 से 10 दिन तक डेक्सामेथासोन ओरली दे सकते हैं। ये कॉर्टिस्टेरॉइड्स तभी प्रेस्क्रिब होने चाहिए जब पेशेंट पहले से किसी और मेडिकल कंडीशन के लिए इसका सेवन ना कर रहा हो।

3. क्या है डॉक्टरों की स्टेरॉइड्स के बारे में राय ?

डॉक्टर्स बताते हैं की स्टेरॉइड्स कोविड इन्फेक्शन में तभी इफेक्टिव होता है जब उसे इंफ्लामेशन के प्रति इस्तेमाल किया जाए। डॉक्टर्स ये भी कहते हैं की स्टेरॉइड्स का इस्तेमाल कोविड पेशेंट्स को रेस्पोंसिब्ली और समय पर करना चाहिए तककि एग्रेसिव वायरस रेप्लिकेशन को रोका जा सके। जिन पेशेंट्स को लगातार बुखार हो, सांस लेने में तकलीफ हो या गले में खराश हो उनको स्टेरॉइड्स का रिस्ट्रिक्टेड इस्तेमाल ही करना चाहिए।

4. कैसे मदद करता है स्टेरॉइड्स कोविड में ?

डॉक्टर्स बताते हैं की स्टेरॉइड्स का इस्तेमाल मैनली इंफ्लामेटोरी कंडीशंस जैसे की वस्क्युलिटिस और म्योसिटिस में होता है। स्टेरॉइड्स को डॉक्टर्स आर्थराइटिस, लुम्प्स, और वायरल इन्फेक्शन में भी इस्तेमाल करते हैं। कोविड में इसका सेवन करने से ये आपके लंग इंजरी और मल्टी ऑर्गन डिसफंक्शन के खिलाफ इंफ्लामेटोरी सिस्टम विकसित करता है जो आपके शरीर को कोविड के क्रिटिकल इन्फेक्शन से बचाता है।

5. क्या है स्टोइड्स के इस्तेमाल के साइड इफेक्ट्स ?

डॉक्टर्स बताते हैं की जिन कोविड पेशेंट्स को डायबिटीज की समस्या है उनको स्टेरॉइड्स के सेवन से सेकेंडरी इन्फेक्शन हो सकता है। बाकी पेशेंट्स में भी स्टेरॉइड्स के साइड इफेक्ट्स जैसे की नींद ना आना, वज़न बढ़ना, एंग्जायटी बढ़ना, मूड में बदलाव देखा जा सकता है। स्टेरॉइड्स के कारण ग्लूकोमा, कैटरेक्ट, चिकेनपॉक्स और हाई ब्लड शुगर जैसे बीमारियां भी हो सकती हैं।

तो ये थे कोविड में असरदार स्टेरॉइड्स ।

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