‘माता-पिता को बच्चों का दोस्त बनना चाहिए’ हालांकि माँ-बाप बच्चों के कितने भी अच्छे दोस्त बन जाये लेकिन उन्हें फिर भी अन्य दोस्तों की ज़रूरत होती हैं। पेरेंट्स बच्चों को दोस्ती करने के लिए कॉन्फिडेंस दे सकते हैं।अपने बच्चों की मदद करने के लिए आइये जानते है ऐसे कुछ आइडियाज़ जो नई दोस्ती करने में उनकी मदद करेंगे (How to teach children to befriend others in hindi) :

बच्चों को दूसरों से दोस्ती करना सिखाने के 5 टिप्स 

1. उन्हें समझाए कि उनको बहुत ज़्यादा दोस्तों की ज़रुरत नहीं है :

अधिकांश बच्चों को अपनी सामाजिक ज़रूरतों को पूरा करने के लिए किसी सहारे की आवश्यकता नहीं होती है। ज़्यादातर बच्चों के लिए एक से तीन अच्छे दोस्त काफ़ी होते हैं।

हमे अक्सर अपने ज़्यादा introverted बच्चे को याद दिलाना चाहिए कि ना घूम कर सिर्फ़ चीज़ों को ऑब्ज़र्व करना भी ठीक है – उसे खुद को वो स्पेस देना चाहिए जो उसे चाहिए। अगर एक इंट्रोवर्टेड या अधिक शर्मीला बच्चा ऐसा महसूस करता है जैसे कि उसे हमेशा हर सामाजिक संपर्क में शामिल होना पड़गे या उसमें शामिल होने की आवश्यकता है, तो उसकी चिंता बढ़ सकती है। जब हम उनको सबके साथ अच्छे से और पोलाइट तरीके से बात करने के लिए कहते हैं, याद रखे उसे सबसे दोस्ती करने के लिए फाॅर्स नहीं करना है।

2. बात करना सिखाये :

कई बच्चे (विशेष रूप से छोटे बच्चे) किसी को खेलने के लिए कैसे पूछना है ये नहीं जानते। किसी बच्चे से कैसे संपर्क करें और उसे खेलने के लिए कैसे आमंत्रित करें इन सबके बारे में अपने बच्चे को समझाए। उसे सिंपल इंट्रोडक्ट्स दे। बच्चो को ये सीखना ज़रूरी है कि ‘नहीं’ को कैसे एक्सेप्ट करे और इससे कैसे निपटे। मॉडर्न इंटरेक्शन्स जैसे, “हाय, मैं महिमा हूँ। क्या आप हमारे साथ कोई खेल खेलना चाहते हैं?” या “हाय। क्या यह ठीक है अगर मैं तुम लोगों के साथ फुटबॉल खेलु?”

3. कॉमन इंट्रस्ट वाले बच्चों से बात करने दे :

अपने बच्चे को कॉमन इंट्रस्ट वाले अन्य बच्चों की तलाश करने के लिए प्रोत्साहित करें। उसे सिखाएँ कि वह ऐसे संकेतों की तलाश करे, जो रुचियों को दर्शाते हैं (यानी, बैकपैक्स और फ़ोल्डर्स, छात्र लेखन के दौरान क्या शेयर कर सकते हैं, वो अपने फ्री टाइम में क्या करते हैं , आदि) बच्चे समान हितों के साथ एक बच्चे के पास आने में अधिक कॉन्फिडेंस महसूस कर सकते हैं।

4. बच्चों को एक दूसरे से मिलने दे :

छोटे बच्चों के लिए, सिर्फ़ एक दूसरे के साथ आपके घर पर खेलने की तारीख तय करना अक्सर एक अच्छा विचार होता है। लेकिन अगर आपका बच्चा बड़ा है , तो आप पिज्जा और मूवी के लिए उनकी टीम को इन्वाइट कर सकते हैं ।

5. समस्या से दूर न भागे :

यदि सोशल सिचुएशन आपके बच्चे के लिए कठिन हैं, तो आप सोचेंगे कि ये इतनी बड़ी प्रॉब्लम नहीं है और इसको इग्नोर कर देंगे। लेकिन आपका बच्चा हमेशा आपके साथ घर पर बैठकर रिश्तों को बेहतर बनाना नहीं सीख सकता। इसलिए ज़रूरी है कि आप अपने बच्चे को धीरे धीरे बाहर निकलने के लिए एंकरऐज करे।

आशा करते है आपको ‘How to teach children to befriend others in hindi’ का जवाब मिल गया होगा।इन छोटे -छोटे तरीकों को अपनाकर आप अपने बच्चे को कॉन्फिडेंट और फ्रेंडली बना सकती हैं।

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