भारत में ज़्यादातार घरों में जिस पल उनके परिवार में बच्चा पैदा होता है, वे उसकी शादी की प्लानिंग करना शुरू कर देते हैं। और अगर आप परिवार में अपनी जनरेशन के पहले बच्चे होते हैं, तो आपके लिए चीज़ें और मुश्किल हो जाती हैं। आपकी शादी से सभी को बहुत सी उमीदें होती है। और ऐसे माहौल में एक साधारण कोर्ट मैरिज के बारे में सोचना किसी क्राइम से कम नहीं है।

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अगर आप अपने पेरेंट्स को कोर्ट मैरिज के लिए समझाना चाहते हैं, तो यहां उन कारण की लिस्ट दी गई है, जिनके बारे सोचकर शायद वो मान जाये :

1 . खाने का वेस्टेज नहीं

चाहे आप कितना भी ट्राई करले, बिग फैट इंडियन वेडिंग में खाने का वेस्टेज होता ही होता है । हर कोई अपनी शादी के बारे में अच्छा सोचना चाहता है और ये नहीं चाहता की उसकी शादी में खाना वैस्ट हो। ज़रा सोचिये, ऐसे लोगों को खाना क्यों खिलाया जाता है जो अपना खुद का भोजन खरीद सकते हैं और सबको पता है कि वो वहां सिर्फ खाने को क्रिटिसाइज़ करने के लिए ही होते हैं ? ऐसे लोगों को क्यों न खिलाएं, जिन्हें अपना खाना भी नहीं खरीद सकते? वो लोग जो आपके खाने खिलाने से बहुत खुश होंगे और उसमें कमियां भी नहीं निकालेंगे!

2 . कोई सेक्सिस्ट रिचुअल नहीं

एक मैरिज में जितने सेक्सिस्ट रिचुअल्स होते हैं वो तो आप जानते ही हैं। मेरे अंदर का फेमिनिस्ट उन सबका बोझ तो नहीं उठा सकती। जिस पल पंडितजी मुझे बोलेंगे कि जीवन में मेरा सिर्फ एक ही मोटिव होगा – मेरे पति और उनके परिवार की देखभाल करना होगा – इस पल या तो मेरा फ्यूचर हस्बैंड इस पर ऑब्जेक्शन करेगा वरना वो मेरा फ्यूचर हस्बैंड नहीं रहेगा और मैं शादी नहीं करूंगी ! अभी, मुझे बस ऐसा लगा, मैं इस टॉर्चर से गुजरने के बजाय बिना शादी किये मर जाउंगी.

इमेजिन करिये एक ऐसी शादी जहाँ कोई भी खाने , शगुन में दिए गए पैसे और डेकोरेशन को कोई क्रिटिसाइज़ नहीं कर रहा होगा ।

3 . कोई तंग करने वाला रिलेटिव नहीं

आपके पेरेंट्स आपकी शादी में हर उस इंसान को बुलाएंगे जिनको वो जानते होंगे। हर कोई, जिस नर्स ने आपको डिलीवर किया था, से उस हाई स्कूल टीचर तक जिसने आपको आपके स्कूल बॉयफ्रेंड के साथ पकड़ा था ! और उन पड़ोस की चाचीओं को भी, जिन्हे लगता था कि आपकी शादी कभी भी नहीं हो पाएगी क्यूंकि, उनकी सर्व गुण संपन्न बेटिओं कि तरह, आपको खाना बनाना नहीं आता। इन सबसे छुटकारा पाने का एक ही तरीका है – कोर्ट में शादी कीजिये

4. पैसे की बचत

हम सब यह जानते हैं की शादियों में पैसे की बहुत बर्बादी होती है। लाखों रुपये बस कुछ दिनों में ही ख़त्म हो जाते हैं और ज़रूरी नहीं कि लोग आपकी द्वारा की गयी मेहनत की तारीफ़ करें। आप क्यों तीन चार दिन के शोर शराबे के लिए इतने पैसे खर्चना चाहते हैं? कोर्ट मैरिज में पैसे की बर्बादी नहीं होती। आप उन पैसों को अपने और अपने पति के फाइनेंसियल सिक्योरिटी के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं या गरीबों में बांट सकते हैं। वो आपको ज़िन्दगी भर दुआएँ देंगे.

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