Indians And Fair Skin: भारतीय क्यों गोरी त्वचा के दीवाने हैं? 

Indians And Fair Skin: भारतीय क्यों गोरी त्वचा के दीवाने हैं?  Indians And Fair Skin: भारतीय क्यों गोरी त्वचा के दीवाने हैं? 

SheThePeople Team

08 Oct 2021


Indians And Fair Skin:  हमारे देश के लोग गोरे रंग को सुंदरता की परिभाषा समझते हैं। जब भी हम एक सुंदर व्यक्ति को वर्णन करते हैं तो सबसे पहले गोरा रंग सबसे पहले आता है। रंग को लेकर यह भेदभाव तब शुरू होता है जब बच्चे छोटे होते हैं। जब एक बच्चा पैदा होता है तो रिश्तेदार खुशी मनाने से पहले कहते हैं, बच्चा बड़ा काला हुआ है और यह भेदभाव उम्र के साथ बढ़ता जाता है जैसे भाई-बहनों की त्वचा के रंग की तुलना करने लगते हैं। इस भेदभाव की शुरुवात हमेशा सबसे पहले आपके अपने परिवार से होती है जिसकी वजह से मानसिक और भावनात्मक अंतर आने लगते हैं। 

भारत में सुंदरता का मतलब गोरा रंग क्यों? 

भारतीयों में त्वचा का रंग भिन्नता न केवल पर्यावरण और जेनेटिक्स से निर्धारित होता है लेकिन इस बात को आज तक किसी ने पूर्ण रूप से अपनाया नहीं है। क्यों आज भी भारतीय गोरे रंग के दीवाने हैं? क्यों गोरे रंग को सुंदरता कि परिभाषा मना जाता है?

भारतीय महिलाओं को बताया जाता है की किस प्रकार अपने रंग को हल्का करना चाहिए ताकि आगे जाकर कोई दिक्कतों का सामना ना करना पड़े। कहते हैं दूध से नहाओ, बेसन का लेप चेहरे पर लगाओ, और क्या कुछ नहीं। ताकि एक लड़की का रंग खिले और वो गोरी चिट्टी लगे। भारत में एक लड़की की सुंदरता को उसकी त्वचा के रंग से तय किया जाता है। अगर एक लड़की सांवली है तो उसे कितनी बातें सुनाई जाती है सिर्फ उसके रंग के लिए। क्या एक लड़की का रंग उसकी खूबियां, काबिलियत सबसे बढ़कर होता है? 

एक सांवली लड़की होना कैसा मेहसूस करता है? 

भारत में सांवली महिला होना कठिन है। एक सांवली लड़की के लिए हमारे समाज में इतनी दिक्कतें और लोगों के कॉमेंट होते हैं कि उसका आत्मविश्वास बिल्कुल टूट जाता है। काली यां सांवली लड़की को लड़का नहीं मिलता, लड़की को कैरियर में बढ़ावा नहीं देगा कोई। उसके रहन सहन पर भी बाधाएं लगाई हुई है जैसे धूप में मत जाया करो, हल्के रंग और कला रंग मत पहना करो और काली लगोगी, क्रीम लगाया करो थोड़ी गोरी लगोगी। ना केवल घरवाले बल्कि बाहर के लोग भी अलग अलग नामों से बुलाते हैं जेसे काली कलूटी बैंगन लूटी, इसको लड़का भी काला ही मिलेगा, शक्ल इतनी काली है और दांत इतने सफेद।  

ज्वेल मेरी (अभिनेत्री) ने कहा है, 



My mother always said you need to lighten your skin, you need to look better, otherwise you won't get anything in your life.

मेरी मां ने हमेशा कहा था कि आपको अपनी त्वचा को हल्का करने की जरूरत है, आपको बेहतर दिखने की जरूरत है, अन्यथा आपको अपने जीवन में कुछ भी नहीं मिलेगा।



बार बार रंग की वजह से भेदभाव की वजह से लड़कियां अपना आत्मविश्वास खोने लगती हैं उन्हें लगने लगता है कि शायद उनमें ही कुछ कमी होगी बल्कि सच तो यह है कि हमारे समाज के लोगो की सोच आज तक बदल नहीं पाई है और में उम्मीद करती हूं कि इस सोच में जल्द ही बदलाव देखने को मिलेंगे। 

आपको क्या करना चाहिए? 

जब भी कोई आपके रंग को लेकर कुछ भी बोले तो आपको अपना स्टैंड लेना चाहिए क्योंकि इस देश में चुप रहने वाले को अक्सर लोग ज्यादा दबाया करते हैं। हम सब खूबसूरत और अनोखे हैं और हमें वो किसी को साबित करने की कोई जरूरत नहीं है। हर रंग, हर व्यक्ति खूबसूरत है क्योंंकि खूबसूरती अंदर से आती है और जो लोग खूबसूरत नहीं हैं वो आपकी पीठ पीछे बुराई और चुगली करते हैं। आज के दौर में लड़कियां हर मुकाम में अवल हैं इसलिए लोग क्या कहेंगे उस पर ध्यान नहीं देना चाहिए बल्कि अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ते रहना चाहिए। 

शेफाली बाफा (instagrammer)  ने कहा है,



Beauty is so much more within, like it's your personality, there's always a woman that you'll find better and more attractive, but I think we all have our own USP. 

सुंदरता आपके भीतर बहुत अधिक है, जैसे कि यह आपका व्यक्तित्व है, हमेशा एक महिला होती है जो आपको बेहतर और अधिक आकर्षक लगेगी, लेकिन मुझे लगता है कि हम सभी की अपनी यूएसपी है।



 





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