आज आपके आसपास शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिसे किसी तरह का तनाव, घबराहट या चिंता नहीं सता रही होगी। ये सभी इमोशंस एक आम इंसान है मौजूद होते हैं। हम सभी अपने भविष्य को लेकर चिंतित और अपने आज को लेकर परेशान होते हैं। अक्सर हम अपनी परिस्थितियों का मुकाबला खुद ही कर लेते हैं। लेकिन कभी-कभी कुछ लोग ये मुकाबला हार जाते हैं। ये जंग हारने से बेहतर है कि आप किसी थेरेपिस्ट की हेल्प लें। आइये हम आपको बताते हैं कि कब जाएं थेरेपिस्ट के पास ।

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जानिए वह 7 साइन्स जिनसे आप खुद ही समझ पाएं कि कब जाएं थेरेपिस्ट के पास (kab jaayein therapist ke pas)

1. आप अपने सीने पर हर वक्त एक भार महसूस करते हैं

अगर आप एक साथ बहुत सी समस्याओं से जूझ रहे है और कई चीजों को साथ में कर रहे है, एक वक्त पर आपका दिमाग काम करना बंद कर देता है। आपको लगता है कि आपका सिर बहुत भारी हो चुका है और दिमाग बहुत कन्फ्यूज्ड। अगर आपके साथ ऐसा हो रहा शायद आपकी सोचने समझने की लॉजिकल क्षमता पर इसका असर पड़ रहा हैं। अक्सर हमारे इमोशन हम पर इतने भारी हो जाते हैं कि हम बदहवास से हो जाते हैं। थेरेपिस्ट का काम आपको इस चिंता और स्ट्रेस से बाहर निकालने का होता है।

2. आप बहुत कम या बहुत ज्यादा सो रहे हैं

नींद और मानसिक स्वास्थ्य एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। कई बार चिंता और स्ट्रेस की वजह से आपको रात भर नींद नहीं आती। आपको अपने भविष्य और वर्तमान की ऐसी चिंता सताती है जो रात में आपकी नींद उड़ा देती है। इसी तरह आप वास्तविक जीवन में तनाव, चिंता और स्ट्रेस में गिरे हुए हैं कि आप उन्हें नजरअंदाज करते हुए सोते रहना चाहते हैं। अगर ये स्ट्रेस आपके ऊपर हावी हो रहा है जिनका उपाय आप खुद अकेले नहीं ढूंढ पा रहे हैं तो आपको थेरेपी के लिए जरूर जाना चाहिए।

3. आप लोगों से कटने लगे हैं और रिश्ते नहीं निभा पा रहे

मेंटल हेल्थ का एक बड़ा प्रभाव आपकी सोशल लाइफ पर पड़ता है। जब आप अपने आप में परेशान और स्ट्रेस में होते हैं, अक्सर आपका अपने पार्टनर से झगड़ा होता है और आप अपने दोस्तों से भी मिलना दिमाग कम कर देते हैं। अगर यह आपके साथ हो रहा है तो खुद को अकेला महसूस ना करें और किसी प्रोफेशनल थेरेपिस्ट से संपर्क करें। वह इन वजहों को तलाशने में आपकी मदद करेंगे जो आपको अपनों से दूर कर रही है। हम सभी अपने आसपास ऐसे बहुत चाहते हैं जो हमसे प्यार करें, हमें अपना मानें।

4. आपके इमोशन सुन्न हो गए हों

कई बार जब हम बहुत अधिक तनाव और इमोशन से भर जाते हैं, हमारा दिमाग हमारी सुरक्षा के लिए इमोशन को महसूस करने की क्षमता कम कर देता है। ऐसे में आप प्यार, विश्वास, दोस्ती, गुस्सा, ईर्षा जैसे कोई भी फीलिंग महसूस नहीं कर पाते। आप ना हँसते हैं ना रोते हैं, बस मानसिक रूप से सुन्न महसूस करते हैं। अगर आपके साथ ऐसा हो रहा है तो थेरेपिस्ट इससे बाहर निकलने में आपकी मदद कर सकते हैं। (कब जाएं थेरेपिस्ट के पास )

5. आपकी पढ़ाई या रोजगार पर इसका असर पड़ रहा है

अगर आप किसी मानसिक तनाव या समस्या से गुजर रहे हैं और इसका असर आपकी पढ़ाई, ऑफिस के काम काज और रोजगार पर पड़ने लगा है। आप खुद ही चाहेंगे आप इसका इलाज करें। थेरेपिस्ट से मदद लेना सबसे पहला और जरूरी उपाय है। ऐसा देखा गया है कि जो बच्चे मानसिक तनाव या किसी भी प्रकार की मानसिक समस्या से जूझ रहे होते हैं उनकी एकेडमिक परफॉर्मेंस तेजी से गिरती है। इसी वजह है कि आप अपनी खुद की समस्या से इतने गिरे हुए हैं कि आपके दिमाग में पढ़ाई या ऑफिस के कामों के लिए स्पेस नहीं बन पाती। थेरेपिस्ट आपके गिरते हुए परफॉर्मेंस को सुधारने में आपका हाथ थाम सकते हैं।

6. आपने हाल ही में कोई दर्दनाक हादसा देखा है

चाहे एक एब्यूजिव रिलेशनशिप से बाहर निकल आना हो या कोई कार एक्सीडेंट, अगर आपने कुछ महीनों के अंदर अंदर कोई ऐसी घटना देखी है या उसका सामना किया है जिसमें आप के दिमाग पर गहरा प्रभाव छोड़ दिया है तो इससे उबरने के लिए थेरेपिस्ट के पास जाना एक जरूरी उपाय है। थेरेपिस्ट आपके ट्रॉमा को समझते हुए उससे उबरने और अपनी जिंदगी एक बार फिर से बनाने में आपकी मदद कर सकते हैं।

7. आपने हाल ही में किसी अपने को खोया है

किसी अपने को खोना एक बेहद इमोशनल और चैलेंजिंग दौर होता है। आपने किसी को चाहे मौत के जरिए खोया हो या आपका एक ब्रेकअप हुआ हो, किसी अपने से दूर हो जाने का ख्याल ही बहुत सारे इमोशंस को जन्म देता है। इसीलिए जरूरी है कि आप इन दुखों को सामने से टक्कर देकर इनका सामना करें और इन पर जीत हासिल करते हुए जिंदगी के अगले कदम की ओर बढ़ें। इसमें थेरेपिस्ट आपको मदद कर सकते हैं।

अगर आपके मन में ये सवाल आएं कि कब जाएं थेरेपिस्ट के पास तो ये सारे साईन्स आपकी काफी हेल्प करेंगे।

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