Watch Out Today: भारत की टॉप चैंपियन कमलप्रीत कौर टोक्यो ओलंपिक 2020 में गोल्ड जीतने की करेगी कोशिश

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SheThePeople Team

02 Aug 2021


कमलप्रीत कौर ओलंपिक मैडल ड्रीम: डिस्कस थ्रो में भारत की बड़ी स्टार कमलप्रीत कौर 2 अगस्त को भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे डिस्कस प्रतियोगिता खेलेंगी और मेडल जीतेंगी। भारत को उनसे एक और ओलम्पिक मैडल ,खासतौर पर गोल्ड की आशा है। वह फुल फॉर्म में है और टोक्यो में चैंपियनशिप में सबसे ज्यादा डिस्कस फेकने के लिए पूरी तरह तैयार है। कमलप्रीत कौर ओलंपिक मैडल ड्रीम

कमलप्रीत कौर की कहानी बेहद प्रेरणादायक है, और एक बड़ा उदहारण है कि कैसे भारत की छोटे शहरों की महिलाओं से बड़े सपने देखती है। ओलंपिक में अब कौर को भारत में एक युवा महिला स्पोर्ट्स स्टार के रूप में वैश्विक पहचान मिली है। कमलप्रीत कौर ओलंपिक मैडल ड्रीम

कमलप्रीत कौर ओलंपिक मैडल ड्रीम: जानिये इनकी प्रेरणादायक कहानी के बारें में

कौर ने मुख्य रूप से खेल की ओर रुख किया था क्योंकि वह पढ़ाई में अच्छा नहीं कर रही थी। उसने शॉट पुट एथलीट के रूप में शुरुआत की थी और अंत में डिस्कस थ्रो में हिस्सा लिया। अब भी वह एक पेशेवर क्रिकेटर बनने का सपना देखती हैं। उसके पिता एक किसान हैं और अन्य लड़कियों की तरह वह भी एक गांव से आती हैं। उस पर बहुत कम उम्र में शादी करने के लिए बहुत दबाव डाला गया था, उसने इस साल की शुरुआत में स्क्रॉल को यह बात बताई थी।

महिला डिस्कस में नेशनल रिकॉर्ड होल्डर ने कहा, “मुझे पता था कि अगर मैं पढ़ाई में अच्छा नहीं करती हूं और अच्छे कॉलेज में जगह नहीं बना पाती हूं, तो मेरी किस्मत वही होगी।” हालांकि, उसने कुछ अलग करने की ठानी। अकादमिक रूप से नहीं, लेकिन उसने खेलों में अपनी किस्मत आजमाने का फैसला किया क्योंकि यह उसकी करियर का टिकट हो सकता है और शादी से बच सकती है। इसके अलावा, स्कूल में उनके फिजिकल एजुकेशन टीचर ने उन्हें 10वीं कक्षा में होने पर स्टेट लेवल मीट में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

टोक्यो ओलम्पिक में खुदका पुराना रिकॉर्ड ब्रेक किया

पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब जिले के एथलीट ने तब से एक लंबा सफर तय किया। उन्होंने अपने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को बेहतर बनाया और 65 मीटर का आंकड़ा पार करने वाली पहली भारतीय महिला बनीं और टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया। जून में उसने फिर से अपने मार्क पर काम किया, उसका 66.59 मीटर थ्रो उसके पिछले सर्वश्रेष्ठ 65.06 पर एक बड़ा सुधार था। 

 


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