हमारे आसपास बीमारियों को लेकर लोगों में कई प्रकार के मिथ्स हैं। उसी प्रकार HIV – AIDS मिथ्स की भी कमी नहीं हैं। आइए जानते हैं कि आपको HIV – AIDS के इन मिथ्स पर भरोसा क्यों नहीं करना चाहिए ?

HIV – AIDS मिथ्स

1. HIV से लोगों की मौत होती है

डॉक्टर्स के मुताबिक HIV के मरीज को सही ट्रीटमेंट से उसकी जिंदगी को नार्मल रूटीन पर लाया जा सकता है।

2. HIV – AIDS एक ही होते हैं।

लोगों का मानना है एचआईवी और एड्स दोनों एक ही बीमारी है जबकि इन दोनों में जमीन आसमान का अंतर है।

HIV एक वायरस है और AIDS एक बीमारी है।

एक इंसान को AIDS तभी होता है जब वह HIV की तीसरी तेज पर पहुंच जाता हो। पर हर HIV के मरीज को एड्स नहीं होता।

3. हेट्रोसेक्सुअल लोगों को HIV नहीं होता

यह बात सच है कि HIV बाय सेक्सुअल और गे लोगों में ज्यादा होता है लेकिन ऐसा मानना की हेट्रोसेक्सुअल आदमी और औरतों को एचआईवी नहीं होता यह गलत है ।

4. HIV होने के बाद AIDS होगा ही

लोगों में इस बात का डर होता है कि अगर उन्हें एचआईवी है तो वह एड्स से भी पीड़ित होंगे लेकिन अच्छी बात यह है कि टेक्नोलॉजी के बढ़ने से एचआईवी का इलाज संभव है।

लेकिन एड्स का इलाज संभव नहीं है और एड्स से पीड़ित मरीज को बचाया नहीं जा सकता।

5. सेक्स टॉयज़ से HIV नहीं हो सकता

अक्सर लोगों की यह भूल होती है कि उन्हें सेक्स टॉयज से एचआईवी नहीं हो सकता है।

यदि उनका सेक्स टॉय उनके किसी एचआईवी संक्रमित दोस्त ने इस्तेमाल किया हुआ है और बिना धोए उन्होंने भी इसे इस्तेमाल कर लिया तो असंक्रमित को भी एचआईवी संक्रमण हो सकता है।

तो यह थे HIV – AIDS मिथ्स। HIV – AIDSआज के समय में भी एक बहुत बड़ी बीमारी है। किसी के साथ भी सेक्स करने से पहले उसकी एचआईवी रिपोर्ट नेगेटिव हो यह जरूर देखें।

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