Nipah Virus: यहाँ जाने केरल में फ़ैल रहे निपाह वायरस के बारे में ये 10 ज़रूरी बातें

Nipah Virus: यहाँ जाने केरल में फ़ैल रहे निपाह वायरस के बारे में ये 10 ज़रूरी बातें Nipah Virus: यहाँ जाने केरल में फ़ैल रहे निपाह वायरस के बारे में ये 10 ज़रूरी बातें

SheThePeople Team

06 Sep 2021


भारत में निपाह वायरस ने दस्तक दे दी है। केरल के कोझिकोड में 12 साल के बच्चे की मौत, निपाह वायरस से होने वाली पहली मौत है। बताया जा रहा है कि ये वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। इस संक्रमित वायरस को गंभीरता से लेते हुए फिलहाल केरल सरकार ने कोझिकोड के तीन किलोमीटर के दायरे में लॉकडाउन लगा दिया है।

निपाह वायरस: यहाँ जाने केरल में फ़ैल रहे निपाह वायरस के बारे में ये 10 ज़रूरी बातें



  • निपाह वायरस एक ऐसा वायरस है जो जानवरों के ज़रिये इंसानो में फैलता है।

  • यह वायरस चमगादड़ और सूअर में पाया जाता है, जो अगर इंसान के संपर्क में आ जाये तो उसके शरीर में भी ये वायरस प्रवेश कर सकता है। यही नहीं अगर संक्रमित चमगादड़ या सूअर किसी फल का सेवन करते है तो उस फल के ज़रिये भी ये इंसानो में फ़ैल सकता है।

  • निपाह वायरस का सबसे पहला मामला मलेशिया में पाया गया था, उसके बाद यह वायरस सिंगापूर और बांग्लादेश जैसे देशो में भी फ़ैल गया था। भारत में यह 2001 में सबसे पहले पश्चिम बंगाल में फैला था।

  • इससे पहले भी केरल में 2018 में निपाह वायरस का घातक प्रकोप देखा गया था, जिसमें 17 लोगों की जान चली गई थी। संक्रमण से मृत्यु दर 70 प्रतिशत है।

  • यही नहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा निपाह को “प्राथमिकता वाली बीमारी यानि प्रायोरिटी डिजीज” के रूप में पहचाना गया है।

  • 2021 में फरवरी में जारी एक रिपोर्ट में चेतावनी दी गई थी कि निपाह उन वायरसों में से एक हो सकता है जो अगली महामारी का कारण बन सकता हैं।

  • निपाह वायरस के मुख्य लक्षण तेज बुखार, सिरदर्द, सांस लेने में तकलीफ, गले में खराश, एटिपिकल निमोनिया है।

  • अगर स्थिति ज्यादा गंभीर हो जाती है तो इंसान इन्सेफेलाइटिस का भी शिकार हो सकता है और 24 से 48 घंटे में कोमा में जा सकता है।

  • निपाह वायरस का अबतक कोई ठोस इलाज सामने नहीं आया है। लेकिन हाँ कुछ सावधानियां बरत के आप इससे बच सकते है।

  • चमगादड़ या सूअर के संपर्क में आने से बचें, इस बात का ध्यान रखे कि जो खाना आप खा रहे है वह चमगादड़ से दूषित न हो। ज़मीन पर पड़े, या सीधे पेड़ से गिरे फल न खाये। निपाह वायरस से संक्रमित व्यक्ति से सोशल डिस्टेंसिंग मेन्टेन करे। इन सभी तरीको से इस वायरस से बचा जा सकता है।


 


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