School Reopening In Corona : क्या कोरोना काल में माँ अपने बच्चो को फिर से स्कूल भेजने के लिए तैयार हैं?

School Reopening In Corona : क्या कोरोना काल में माँ अपने बच्चो को फिर से स्कूल भेजने के लिए तैयार हैं? School Reopening In Corona : क्या कोरोना काल में माँ अपने बच्चो को फिर से स्कूल भेजने के लिए तैयार हैं?

SheThePeople Team

03 Sep 2021


कोरोना की महामारी के वजह से दुनिया भर में लाखो लोगो की मौत हो चुकी है। आज कई लोगो कोरोना का वैक्सीन लेने के बाद भी कोरोना से संक्रमित हो रहे है। इतने दिन लॉक डाउन के बाद जब अभी दुकानें, मॉल, सिनेमा घर ये सब शुरू हो गई है, इसके स्कूल और कॉलेज भी धीरे धीरे शुरू हो रहें है। स्कूल शुरू होने से बच्चो को स्कूल जाना पड़ेगा और ये बच्चो के मां के लिए एक चिंता का विषय बन चुका है। जानिए की स्कूल शुरू होने पर क्या बच्चो को स्कूल भेजना क्या मां सुरक्षित समझती हैं।

क्या माँ अपने बच्चो को स्कूल भेजने के लिए तयार है? (School Reopening In Corona)

हम जानते है की हमारे देश के कई राज्यों में कोरोना बहुत ज्यादा फैला था और अभी भी तीसरी लहर आने की चेतावनी दी गई है। ऐसे में स्कूल और कॉलेज का खुलना ये चिंताजनक बात है।स्कूल के खुलने पर बच्चो की मां के कई सवाल है जैसे - 

"क्या बच्चे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर पाएंगे?"

"हम अपने बच्चे को अपने दोस्तो से दूर रहने के लिए कैसे कहे सकते है?"

"क्या बच्चे हमेशा सैनिटाइजर का इस्तेमाल ठीक से करेंगे?"

"अगर बच्चे को कोरोना हुआ तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?

"स्कूल में क्या बच्चो की सुरक्षा की सही से जिम्मेदारी ली जाएगी?"

ऐसे कई सवाल लोगो ने उठाए है। क्योंकि कोरोना कम हुआ है लेकिन पूरी तरह से खतम नही हुआ है। अबतक बच्चे अपने घर में थे और सुरक्षित थे, मां बाप को उनके बच्चो को लेकर कोई चिंता नहीं थी। लेकिन स्कूल खुलने की बात मां बाप को डरा रही हैं।

देश के कई राज्य जैसे दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार में कॉलेज खुलने लगे है और अब स्कूल शुरू करने की बात की जा रही हैं। अभी तक बच्चे ऑनलाइन क्लासेस कर रहे थे और इसमें बस ये परेशानी थी कि बच्चो को क्लास के लिए मोबाइल का इस्तेमाल करना पड़ता था। लेकिन स्कूल जाना बच्चो की मां के लिए एक धोका साबित हो रहा है।

कोई भी माँ स्कूल खुलने के निर्णय को लेकर स्करत्मक नही है। क्योंकि अभी जिस तरह का वातावरण है, उसके हिसाब से स्कूल शुरू करना ये खतरे की घंटी लग रही है।

दूसरी लहर शुरू होने के पहले महाराष्ट्र में कुछ स्कूल शुरू किए गए थे। उसके कुछ दिनो कई बच्चे कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। जिसकी वजह से फिर स्कूल बंद करनी पड़ी थी। ऐसी कई वजह है जो स्कूल शुरू करने के फैसले को गलत बताती है।

इंडिया वाइड पैरेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष अनुभा सहाय ने कहा ही कि उनके पास महाराष्ट्र और कई राज्यों के माता पिता से शिकायते आ रही है कि स्कूल ने ऑनलाइन क्लास बंद कर दी है और बच्चो को स्कूल अटेंड करने के लिए जबरदस्ती कर रहें है। जबकि बच्चे को स्कूल भेजने के लिए माता पिता की सहमति अनिवार्य है।

उन्होंने ये भी कहा कि बच्चो के लिए अभी तक वैक्सिन नही आई है तो स्कूल के लिए कोई जबरदस्ती नहीं कर सकता। बच्चो के लिए फैसले उनके मां बाप करेंगे इसमें स्कूल दबाव नहीं डाल सकती।


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