इंडिया उन देशों की लिस्ट में सबसे आखिरी में आता है जिसमे तलाक का रेट दर सबसे कम है । हालांकि ज़्यादातर कपल्स तलाक के लिए फोर्मल्ली फाइल नहीं करते हैं और इनफॉर्मल सेपरेशन के लिए जाते हैं, कुछ लोग जो लीगल रास्ता अपनाते हैं वे पूरी तरह से तैयार नहीं हैं कि चीज़ो को कैसे किया जाये। तलाक के मामले फैमिली कोर्ट्स में कई सालों तक चलते हैं क्योंकि उसमें मिलियन केसेस अभी भी पेंडिंग है । इसके अलावा, महिलाओं को तलाक के लिए फाइल न करने और दुखी शादी में रहने का मैं रीज़न यह है कि उन्हें कभी भी शादी तोड़ने की बात नहीं कही जाती है।

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SheThePeople.TV ने मुंबई स्थित तलाक के वकील वंदना शाह के साथ मुलाकात की।

तलाक के लिए फाइल करने से पहले महिलाओं को जिन इम्पोर्टेन्ट बातों के बारे में जानना चाहिए, शाह ने उसके लिए कुछ इम्पोर्टेन्ट पॉइंट्स दिए हैं :

1 . चेकलिस्टस

जब एक महिला एक ऐसे आदमी को कोर्ट ले जा रही हो, जो एक पॉलिटिशियन जितना पावरफुल हो , तो उसके पास एक चेकलिस्ट होनी चाहिए जिसमें उसकी फाइनेंसियल सिक्योरिटी शामिल हो। “कोर्ट में हर दिन बड़ी संख्या में केसेस आते हैं। जहां मैं काम करती हूं, बॉम्बे फैमिली कोर्ट में 500-600 मामले लिस्टेड हैं, इसलिए, कुछ फाइनेंसियल सिक्योरिटी होनी बहुत ज़रूरी होती है ।, ”शाह ने कहा।

2 . सिक्योरिटी

यदि केस में बच्चे भी शामिल हैं और आपको दूसरे शहर में जाना है, तो तलाक के लिए दाखिल करने से पहले उनका स्कूल में एडमिशन कराएं। तलाक के लिए फाइल करने से पहले यह देखलेना चाहिए कि आपके बच्चों की स्टडीज आपकी लिस्ट में सबसे ऊपर हो।

3 . रिलोकेशन के मामले में

यदि कोई महिला वर्किंग है और उसे नए शहर में ट्रांसफर की ज़रुरत है तो उसे अपने एम्प्लायर से बात करनी चाहिए ताकि यह आसानी से हो सके। यदि आप किसी नए शहर में रहने के लिए जा रही हैं, तो परमानेंटली जाने से पहले, महिलाओं को पहले उस शहर में दो तीन दिन रहके देखना चाहिए ।

4 . एक अच्छे लॉयर को हायर करना

अपने केस के लिए एक अच्छा वकील होना बहुत जरूरी है। “इंडिया में तलाक एक लाइफ चेंजिंग इवेंट है इसलिए एक अच्छे वकील का होना बहुत ज़रूरी है।”

5 . अपना एक सपोर्ट सर्किल बनाए

यदि परिवार महिला को सपोर्ट नहीं करता , जैसा कि ज़्यादातर फैमिलीज़ में होता है, उस समय आपका सपोर्ट करने के लिए अपने फ्रेंड्स की हेल्प ले । एक सपोर्ट होना बहुत ज़रूरी भी है ताकि आप लोगों को बातें सुनके घबराएं ना, क्योंकि तलाक आज भी हमारे समाज में एक स्टिग्मा है ।

क्यूंकि महिलाएं अपने सामान को सिर्फ अपना नहीं समझती और कई सीटुएशन्स में उन्हें अपनी ज्वेलरी और प्रॉपर्टी भी किसी को देनी पड़ती है । डाइवोर्स का फॉर्म भरने से पहले ये सारा सामान उन्हें अपने पास वापिस लेलेना चाहिए, वरना बाद में वापिस मिलने में काफी दिक्कत हो सकती है ।

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