लवलीना बोर्गोहेन का सेमीफाइनल आज : "मैडल तो बस गोल्ड होता है, मुझे पहले वो मिल जाए।"

लवलीना बोर्गोहेन का सेमीफाइनल आज : "मैडल तो बस गोल्ड होता है, मुझे पहले वो मिल जाए।" लवलीना बोर्गोहेन का सेमीफाइनल आज : "मैडल तो बस गोल्ड होता है, मुझे पहले वो मिल जाए।"

SheThePeople Team

04 Aug 2021


लवलीना बोर्गोहेन सेमीफाइनल आज: लवलीना बोर्गोहेन (Lovlina Borgohain) (69 किग्रा) का लक्ष्य आज भारतीय मुक्केबाजी में इतिहास रचना होगा। जबकि 23 वर्षीय ने चल रहे 2020 टोक्यो ओलंपिक में भारत को कम से कम ब्रॉन्ज़ मैडल तो ज़रूर दिलाएगी, हालांकि लवलीना ला लक्ष्य गोल्ड जीतने का है।

लवलीना बोर्गोहेन सेमीफाइनल : "मेडल तो बस गोल्ड होता है, मुझे पहले वो मिल जाए।"

असम की युवा चैंपियन को पता है कि बुधवार (4 अगस्त) को ओलंपिक सेमीफाइनल में मौजूदा विश्व चैंपियन तुर्की की बुसेनाज सुरमेनेली से भिड़ने पर सब कुछ दांव पर लगा है। इसके साथ ही उनका लक्ष्य खेलों के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय बॉक्सर बनने का भी है।

इस साल ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए बोर्गोहेन महीनों से ट्रेनिंग ले रही हैं। वह इस साल अप्रैल में उज्बेकिस्तान की मफतुनाखोन मेलीवा को हराकर एशिया और ओशिनिया बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालीफायर में तीसरा स्थान हासिल करने के बाद टोक्यो के लिए क्वालीफाई करने वाली असम की पहली महिला मुक्केबाज बनीं।

चीनी ताइपे पर पूर्व विश्व चैंपियन निएन-चिन चेन पर सेमीफाइनल जीत के बाद बॉक्सर आगे की राह को लेकर काफी आश्वस्त लग रही है। ऐतिहासिक जीत के बाद उन्होंने कहा था, मैडल तो बस गोल्ड होता है, मुझे पहले वो मिल जाए।"

दो बार की ब्रॉन्ज़ विश्व और दो बार की एशियाई ब्रॉन्ज़ चैंपियन, बोर्गोहेन 2008 में विजेंदर सिंह और 2012 में महान मैरी कॉम के बाद शोपीस में पोडियम फिनिश सुनिश्चित करने वाली दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर और सभी में तीसरी बॉक्सर बनीं है। लवलीना बोर्गोहेन सेमीफाइनल

 


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