मध्य प्रदेश के तीन आदिवासी जिलों में भगोरिया महोत्सव बनाया जाता है। इस में लड़का आगे आकर लड़की को रंग लगाता है। लड़का ऐसी किसी लड़की को कलर लगाता है या पानी मारता है जो उसको पसंद हो और जिस से वो प्यार करता हो या शादी करना चाहता हो। यह मौका आपस में शादी की मंजूरी लेने के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। इस त्यौहार में लड़का लड़की एक दूसरे के घर जाते हैं और बात आगे बड़ाते हैं।

आप को यह स्टोरी देख कर ऐसा लग रहा होगा की यह कोई बॉलीवुड का दृश्य है पर ये हकीकत है। ये मध्य प्रदेश के अलीराजपुर , झाबुआ और शहडोल जिले में होता है।

क्या है इस प्रथा को मानाने का कारण ? मध्य प्रदेश का भगोरिया महोत्सव

1. इस प्रथा को दो रीज़न की वजह से बनाया जाता है पहला है कि ऐसा माना जाता है कि यहाँ शिव और पारवती का वास है और पहली बार ये त्यौहार इस तरीके से शिव और गौरी ने ही साथ में बनाया था ।

2.  दूसरा इसका मुख्या कारण है कि राजा भागोर ने इस छेत्र में विजय प्राप्त की थी और फिर उन्होंने यहाँ पर अपने सेना के हाट में ही लड़की से शादी की थी। तब से ही हर साल ये परंपरा चली आ रही है।

ये एक अच्छी पहल है और ये दर्शाता है की लड़की और लड़के दोनों को अपनी पसंद से शादी करने का हक़ है। इस प्रथा में ऐसा होता है कि अगर लड़की को लड़का पसंद नहीं होता है तो वो लड़के के रंग लगाने के बाद रंग को रगड़कर आगे बड़ जाती है। ये आयोजन एक हाट के रूप में आयोजित किया जाता है आस पास के सभी गाओं में होता है। ये उनके लिए बहुत लाभदायक होता है जो आपस में एक दुसरे को पसंद करते हो या बात आगे बढ़ाना चाहते हों।

 

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