मेनोपॉज महिलाओं की ज़िन्दगी का एक ऐसा पड़ाव होता है ,जिसमे उनमे कई तरह के बदलाव आते है। ये बदलाव केवल शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक भी होते है। यंग एग में जो चुस्ती फुर्ती होती है वो धीरे – धीरे कम होने लगती है, जो कि आपकी sexual लाइफ पर भी असर डालता है। Menopause ka sex life per asar

मीनोपॉज के बाद कई लोग अपने पार्टनर के साथ sexual रिलेशन रखना चाहते है ,तो कई लोग इससे दूर भागते है। लेकिन क्या आप जानते है कि मीनोपॉज के बाद सेक्स करने के क्या फायदे या नुकसान है? मीनोपॉज के बाद आपकी सेक्स लाइफ पर क्या असर पड़ता है ये जानना बेहद ज़रूरी है।

मीनोपॉज का आपकी सेक्स लाइफ पर प्रभाव (Menopause ka sex life per asar)

हॉर्मोनल चेंजिस

मेनोपॉज के बाद आपके शरीर में ये हार्मोनल चेंजिस आते हैं :

  • शरीर में एस्ट्रोजन की मात्रा का कम होना
  • एस्ट्रोजन की कमी से वजाइना में ड्राइनेस आना। दरअसल मेनोपॉज के बाद शरीर में एस्ट्रोजन लेवल कम होने लगता है जिससे वजाइना में ब्लड की सप्लाई भी कम होने लगती है। और इसके कारण ड्राइनेस होने लगती है।
  • एस्ट्रोजन की कमी से वजाइनल वॉल पतली होने लगती है जिसके कारण वजाइनल अट्रॉफी नाम की समस्या हो सकती है।
  • वजाइनल ड्राइनेस और वजाइना की वॉल पतली होने के कारण सेक्स के समय काफी दर्द होता है।

शारीरिक बदलाव

  • मेनोपॉज के बाद शरीर में हार्मोनल बदलाव के साथ-साथ शारीरिक बदलाव भी आते हैं :
  • वज़न का बढ़ना – वजन बढ़ने के कारण अक्सर सेक्स ड्राइव में बदलाव आता है।
  • हॉट फ्लेशेस – हॉट फ्लैशेस के दौरान आपका शरीर तपने लगता है जिससे आपको परेशानी होनी लगती है।
  • सेक्स करने का मन नहीं करता – सेक्स डिजायर में बहुत ही ज्यादा कमी आना शुरू हो जाती है क्योंकि आपका मूड अच्छा नहीं रह पाता है।

मैन्टल स्ट्रेस

मेनोपॉज का असर ना सिर्फ आपके शरीर पर पड़ता है बल्कि इन शारीरिक परेशानियों के कारण आपको मानसिक तनाव भी हो सकता है। मानसिक तनाव होने के कारण सेक्स ड्राइव धीरे-धीरे कम होने लगती है।

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