मेंस्ट्रूअल कप मार्केट में पीरियड्स के लिए नया और काफी किफायती प्रोडक्ट माना जाता है। इसके फायदे लोगों को पैड्स और टेंपल से दूरी बनाने के लिए मजबूर कर रहे हैं। लेकिन मेंस्ट्रूअल कप के फायदों के साथ-साथ उससे जुड़े मिथ भी लोगों के दिमाग में घर कर रहे हैं। तो आइए जानते हैं क्या हैं ये मेंस्ट्रूअल कप मिथ्स ।

5 मेंस्ट्रूअल कप मिथ्स

1. आपको इसे हर साल में एक बार बदलना पड़ता है।

मेंस्ट्रूअल कप का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसे में कई लोगों का मानना यह है कि इसे हर साल बदलने की जरूरत होती है।

जबकि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। मेंस्ट्रूअल कप की पूरी हाइजीन और देखभाल से इसे सालों तक चलाया जा सकता है।

2. मेंस्ट्रूअल कप एक नया इन्वेंशन है

पैड्स और tampons का इस्तेमाल करते करते लोगों के लिए मेंस्ट्रूअल कप एक नया इन्वेंशन बन गया। जबकि मेंस्ट्रूअल कप को बहुत पहले ही अमेरिकन विमेन ने 1937 में इन्वेंट कर लिया था।

3. मेंस्ट्रूअल कप मतलब प्लास्टिक से दूरी

हम सभी पैड से दूरी इसलिए बना रहे हैं कि वह हर साल बहुत ज्यादा प्लास्टिक इस्तेमाल करता है और पर्यावरण को हानि पहुंचाता है। लेकिन सारे मेंस्ट्रूअल कप भी प्लास्टिक से दूरी नहीं बनाते।

कई सारे मेंस्ट्रूअल कप प्लास्टिक के बने होते हैं और कई सारे बाकी ऑर्गेनिक कंपाउंड के।

4. आपको  menstrual cup से टीएसएस नहीं होगा

लोगों को अक्सर लगता है कि मेंस्ट्रूअल कप से उन्हें टीएसएस की बीमारी नहीं होगी। हालांकि इस पर कोई तथ्य नहीं है पर फिर भी जो लोग पी एस एस से गुजर रहे हैं उन्हें मेंस्ट्रूअल कप बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

5. मेंस्ट्रूअल कप को 12 घंटे से ज्यादा तक पहना जा सकता है

मेंस्ट्रूअल कप ज्यादा से ज्यादा 8 घंटे तक इस्तेमाल किए जाने चाहिए। हर 8 घंटों में हमें मेंस्ट्रूअल कप को साफ करके फिर इस्तेमाल करना चाहिए।

तो यह थे मेंस्ट्रूअल कप से जुड़े 5 मिथ्स जिनमें बिल्कुल भी सच्चाई नहीं है।

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