यदि पार्टनर आपको हर्ट करते हैं या कोई अनएथिकल काम करते हैं तो आपका अपनी नाराज़गी बयाँ करना सही है लेकिन हर बात पर उन्हें क्रिटिसाइज़ करेंगे तो आपके रिश्ते में दरार आ जाएगी। इसलिए आपको अपना बिहेवियर चेंज करने की ज़रूरत है। यहाँ पढ़िये पार्टनर को क्रिटिसाइज़ करने से कैसे बचें।

1. बोलने से पहले सोचिए

पार्टनर को क्रिटिसाइज़ करने से पहले ये सोचिये कि क्या आपको इस सिचुएशन में कुछ भी कहने की ज़रूरत है! अगर उन्होंने अंजाने में आपको तकलीफ़ पहुँचाई है तो आपको उनकी गलती पॉइंट आउट करने की ज़रूरत नहीं है। समझिये कि उनका इरादा आपको दुखी करना नहीं था। इसके अलावा किसी भी सूरत में उनके लुक, पर्सनालिटी या रहन-सहन को क्रिटिसाइज़ मत करिए क्योंकि लुक पर उनका बस नहीं है और हर किसी अपना वे ऑफ़ लिविंग होता है। इसलिए हमेशा बोलने से पहले सोचा करिए।

2. रियलिस्टिक रहिए

जिन लोगों को क्रिटिसाइज़ करने की आदत होती है उन्हें ज्यादातर लोगों से अनरियलस्टिक एक्सपेक्टेशन्स होतीं हैं और बात जब पार्टनर की हो तो उम्मीदें और बढ़ जाती हैं। अगर आप भी अपने पार्टनर से कुछ ज़्यादा ही उम्मीद रखते हैं और निराशा मिलने पर उनकी आलोचना करने लगते हैं तो आपको अपना रवैया बदलने की ज़रूरत है। अपनी एक्सपेक्टेशन्स को रियलिस्टिक बनाइये।

3. पॉज़िटिव्स पर फोकस कीजिए

कई बार हम क्रिटिकल इसलिए भी हो जाते हैं क्योंकि हम निगेटिव चीज़ों पर ज़्यादा ध्यान देते हैं। हम हर सिचुएशन को निगेटिवली ऐनालाइज़ करने लगते हैं। हर किसी में कुछ कमियाँ होती हैं, कोई हमेशा सही नहीं हो सकता इसलिए अपने पार्टनर के पॉज़िटिव्स पर फोकस कीजिए। जब भी आपको उनकी आलोचना करने का मन करे, एक बार ये याद करलें कि आपने उन्हें क्यों पसंद किया था। अपने साथी को उनकी खामियों के साथ एक्सेप्ट कीजिए।

4. फीडबैक दीजिए

फीडबैक और क्रिटिसिस्म में फ़र्क होता है। जब आप पार्टनर से किसी मुद्दे पर बात कर रहे हों तो उनकी आलोचना करने के बजाए उन्हें कन्स्ट्रक्टिव फीडबैक दें। इससे आप अपनी बात भी कह देंगे, उन्हें बुरा भी नहीं लगेगा और आप उनकी एक बेहतर इंसान बनने में मदद कर सकेंगे। आपके प्रोडक्टिव स्टेटमेंट्स उन्हें एनकरेज करेंगे जबकि आपका क्रिटिकल स्वभाव उन्हें केवल हर्ट करेगा। पार्टनर को क्रिटिसाइज़ करने से कैसे बचें।

5. उनके पर्सपेक्टिव को समझिए

क्रिटिकल होने का एक कारण ये भी हो सकता है कि आप जजमेंटल हों। शायद आप अपने साथी का पॉइंट ऑफ़ व्यू देखने की कोशिश ही नहीं करते। यदि आप उन्हें क्रिटिसाइज़ करने से बचना चाहते हैं तो ख़ुद को उनकी जगह रखना सीखिये। उनके नज़रिए से किसी सिचुएशन को देखने की कोशिश कीजिए। सोच कर देखिये कि अगर आप उनकी जगह पर होते तो क्या करते, ये आपको उन्हें समझने में मदद करेगा।

6. ख़ुद पर काम करिए

क्या आपकी ज़िंदगी में कोई ऐसी समस्या है जिसने आपको क्रिटिकल बना दिया है? क्या आपके पास्ट एक्सपीरिएंसेस ने आपको नकारात्मक बना दिया है? यदि ऐसा है तो अपनी लाइफ़ के इशूज़ को रिज़ॉल्व करने की कोशिश कीजिए, उनसे भागिये मत। आपका निगेटिव बर्ताव तब तक आपके रिलेशनशिप को इफेक्ट करता रहेगा जब तक आप ख़ुद पर वर्क नहीं करेंगे। ख़ुद को एक सकारात्मक इंसान बनाने का प्रयास कीजिए।

यहाँ आपने पढ़ा कि पार्टनर को क्रिटिसाइज़ करने से कैसे बचें।

Email us at connect@shethepeople.tv