PCOD जिसे पोल्य्सिस्टिक ओवेरियन डिजीज भी कहा जाता है और PCOS  जिसे पोल्य्सिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम  कहते हैं आमतौर पर आजकल के मॉडर्न लाइफस्टाइल में बैड हैबिट्स की वजह से महिलाओं में पायी जाती है। आज हम शीदपीपल पर बात करने जा रहे हैं एक जानी मानी सीनियर कंसलटेंट ओबेस्ट्रिशन और गयनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर सुदेष्णा रे से। PCOS/ PCOD hindi 

उनका कहना है की वो दिन भर में तकरीबन 10 में से 6 केस अपने पेशेंट्स क बीच पीसीओडी या पीसीओएस के पाती हैं। उनके अनुसार पीसीओएस या पीसीओडी कोई बिमारी नहीं है बल्कि यह एक कंडीशन है। इंडिया में तकरीबन 36 % महिलाएं पीसीओडी का सामना करती हैं और यह आंकड़े दिन ब दिन बढ़ते ही जा रहे हैं। तो आइये जानते हैं कुछ सवाल और उनके जवाब डॉ सुदेष्णा रे से पीसीओडी के बारे में।

किसी पेशेंट को कैसे पता चलेगा की उसे PCOS है ?

इसके बहुत से सिम्पटम्स होते हैं या तो पीरियड्स का काफी समय तक मिस होना या फिर पीरियड्स एक महीने में दो बार आना। बहुत ज़्यादा एक्ने होना जो नार्मल रेमेडीज के बाद ही ठीक नहीं हो रहा और फेस पर अनयूजुअल हेयर ग्रोथ होना। वेट गेन होना बिना किसी लाइफस्टाइल चेंज के, यह भी पीसीओएस का एक सिम्प्टम हो सकता है। अंडर आर्म्स और नैक के आगे और पीछे डार्क पैचेज होना भी इसका एक सिम्प्टम हो सकता है।

PCOS क्यों होता है ?

यह एक जेनेटिक कंडीशन होती है जो लड़कियों में पायी जाती है।  जिसका मतलब यह है कि आपकी मदर या फादर की साइड से भी किसी महिला में यह जेनेटिक डिसऑर्डर पाया जा सकता है।

क्या जंक फ़ूड से PCOS हो सकता है ?

हाँ अगर किसी गर्ल में पीसीओएस का जेनेटिक इंप्रिंट या जेनेटिक कोडिंग है तो जंक फ़ूड उसे काफी फ्रीक्वेंट बना सकती है। अगर किसी लेडी में  पीसीओएस का जेनेटिक कोड या जेनेटिक इंप्रिंट न हो तो शायद उस केस में जंक फ़ूड से पीसीओएस न हो।

क्या ब्रेकआउट होने का मतलब पीसीओएस होता है ?

अगर ब्रेकआउट या एक्ने बहुत पेनफुल है और क्लस्टर्स में है , बार बार नेचुरल रेमेडीज के बाद भी ठीक नहीं हो रहा है तो यह पीसीओएस का सिम्प्टम हो सकता है। PCOS/ PCOD hindi 

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