PCOD Symptoms: पीसीओडी के लक्षण और जानिए पीसीओडी से कैसे बचें

PCOD Symptoms: पीसीओडी के लक्षण और जानिए पीसीओडी से कैसे बचें PCOD Symptoms: पीसीओडी के लक्षण और जानिए पीसीओडी से कैसे बचें

SheThePeople Team

13 Sep 2021


महिलाओं को कई ऐसी परेशानियां होती है जिसकी वजह से उनके सेहत पर बहुत असर पड़ता है। बढ़ती भाग दौड़ और स्ट्रेस का असर महिलाओं की सेहत पर पड़ता है और हार्मोनल इंबैलेंस की वजह भी बनता है। हार्मोनल इंबैलेंस से पीरियड्स में इंबैलेंस या पीसीओडी की समस्या भी होती है। जानिए क्या है पीसीओडी के लक्षण।

पीसीओडी के लक्षण (PCOD Symptoms)

•पीसीओडी ये लाइफस्टाइल की वजह से होने वाली बीमारी होती है। बाहर का खाना, जंक फूड खाना, कसरत न करना, एक जगह पर बैठे रहने ये सारी चीजे पीसीओडी की वजह बनते हैं।

•अगर किसी महिला की पाचन क्रिया ठीक नही है और उनका शरीर में बन रहे ग्लूकोस को डाइजेस्ट नही कर पा रहा तो ये पीसीओडी के लक्षण हो सकते हैं।

• किसी महिला के डाइट में अगर फाइबर की कमी हो या हरी सब्जियों की कमी हो तो महिलाओं का डाइजेशन ठीक नही रहता और बॉडी साफ ना होने की वजह से पीसीओडी की समस्या हो सकती है।

• महिलाओं के पीरियड इर्रेगुलर रहना, कई महीने तक पीरियड्स न आना या ज्यादा दिन तक पीरियड्स रहना भी पीसीओडी के लक्षण हो सकते हैं।

• वजन बढ़ना, पेट फूलना और पेट पर चर्बी तेजी से बढ़ना ये भी पीसीओडी का कारण हो सकते हैं।

• कोई महिला अगर ज्यादा स्ट्रेस महसूस कर रही है और काम करने का मन नही करना, हमेशा उदास रहना ये भी पीसीओडी के लक्षण हैं।

•प्रेग्नेंसी में दिक्कत आना या प्रेगनेंट न हो पाना ये भी पीसीओडी का कारण हो सकता है। पीसीओडी में महिलाओं में हार्मोनल इंबैलेंस होने की वजह से महिला कई बार बच्चा कंसीव नही कर पाती। ऐसे में डॉक्टर के पास जरूर दिखाना चाहिए।

• महिलाओं को अगर लग रहा है कि उनके चेहरे पर तेज नही रहा और त्वचा डल दिख रही है, इसके साथ बालो का झड़ना, ड्राई होना ये भी हार्मोनल इंबैलेंस का कारण हो सकते है। जिसकी वजह से पीसीओडी की बीमारी हो सकती है।

पीसीओडी से कैसे बचें?

पीसीओडी के बीमारी से बचने के लिए महिलाओं ने अपनी सेहत का ध्यान रखन बहुत जरूरी है। सही समय पर खाना खाना, अच्छा खाना खाना, कसरत करना महिलाओं के लिए बहुत जरूरी है।

इसके साथ अपने आहार में हरी सब्जियों को शामिल करना चाहिए।अपने डाइट में फाइबर योक्त चीजों को अपनाए और खाने में जंक फूड का सेवन कम करे। अच्छी लाइफस्टाइल होना बहुत जरूरी होता है। इससे स्ट्रेस कम आता है और दिमाग शांत करते है।अगर खान पान और लाइफस्टाइल सही रहेगी तो शरीर में हार्मोनल इंबैलेंस नही होगा और पीसीओडी की बीमार से आप जरूर बच जाएंगे।


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