पीरियड हर एक महिला के लिए अलग होता है। जरुरी नहीं कि एक महिला को पीरियड के वक़्त जैसा महसूस हो रहा हो वैसा दूसरी को भो हो। ऐसा हो सकता है कि किसी को पीरियड के वक़्त बिलकुल भी दर्द ना हो और किसी को बहुत ज्यादा हो। इसलिए आज हम बात करेंगे क्यों हर महिला का पीरियड दर्द अलग होता है और क्यों इसके बारे में बात करना है जरुरी ?

1. पीरियड के वो पांच दिन हर किसी को क्यों याद रहते है ?

कई महिलाएं ऐसी है जिनके पहले पीरियड पर वो बहुत घबरा जाती हैं और उनको चक्कर वगेरा आ जाते हैं। किसी को पीरियड के दौरान उल्टी जैसा महसूस होता है तो किसी से कॉलेज और स्कूल की क्लासेज में बैठा नहीं जाता है।

2. क्यों एक महिला को दूसरी महिला के पीरियड दर्द समझना चाहिए ?

कई महिलाएं ऐसी होती हैं जिन को पीरियड के वक़्त बिलकुल भी दर्द नहीं होता है। ऐसा होने से उनको ऐसा लगता है कि सबके साथ ऐसे ही होता है और वो कभी दूसरे के दर्द को समझ नहीं पाते हैं। ऐसा गलत है आप समझे कि किसी को बहुत ज्यादा दर्द होता है और वो बैठ तक नहीं पाते हैं। वो जहाँ भी होते हैं उनको कॉलेज या वर्क छोड़ कर सीधा घर आना पढता है।

3. क्या पीरियड कोई गंदगी है ?

पांच में से 3 महिलाएं पीरियड के वक़्त अच्छा मेहसूस नहीं करती हैं। इसका कारण है जिस हिसाब से उनको पीरियड समझाया गया है कि पीरियड गन्दा होता है और आपको ये नहीं करना है ये नहीं छूना है। हर साल 23 मिलियन लडकियां स्कूल छोड़ देती हैं सिर्फ और सिर्फ पीरियड्स के कारण।

4. पीरियड की बात न करने से दिक्कतें कैसे सामने नहीं आ पाती हैं ?

कई महिलाएं होती हैं जिन को पीरियड के वक़्त इतना ज्यादा दर्द होता है कि वो बैड से उठ नहीं पाती हैं । किसी की पूरी बॉडी में दर्द होता है और भुखार तक आ जाता है। ऐसी महिलाओं में से कई महिलाएं अपनी इन बातों को छुपाती हैं और अकेले ही झेलती हैं इसके कारण उनके ऊपर मेंटली गलत असर पढता है और वो चिड़चिड़े स्वाभाव की हो जाती हैं।

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