Pfizer और AstraZeneca वैक्सीन की एंटीबॉडीज़ 3 महीने में 50 % कम हो सकती हैं

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Swati Bundela
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अभी इंडिया में सभी लोगों को वैक्सीन लग रही हैं। फिल्हाल इंडिया में तीन वैक्सीन सभी को दी जा रही हैं कोविशील्ड, कोवैक्सीन और स्पुतनिक। इसके अलावा कई और वैक्सीन पर भी गौर की जा रही है जैसे कि Pfizer और AstraZeneca। हाल में एक लांसेट स्टडी में ऐसा सामने आया है कि Pfizer और AstraZeneca से बनने वाली इम्युनिटी 10 हफ्ते यानि 2 से 3 महीने में 50% कम हो जाती है।

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Pfizer और AstraZeneca वैक्सीन की एंटीबॉडीज़

जब यह वैक्सीन लगती हैं तब इनका असर बहुत ज्यादा रहता है और उसके बाद धीरे धीरे बहुत कम रह जाता है। ऐसा होने से यह वैक्सीन ज्यादा समय तक असरदार नहीं होंगी। जो भी Pfizer और AstraZeneca वैक्सीन लगवाता है उसको बूस्टर शॉट बाद में जरूर पड़ेगी इम्युनिटी कम हो जाने के कारण से।

सरकार ने कई साइंटिस्ट से सलाह मशोहरा किया और उसके बाद ये सामने आया है कि कोरोना की तीसरी लहर आना तय है और ये टाली नहीं जा सकती है। अभी तक यह तय नहीं हो पाया है कि ये आखिरी लहर कब और कैसे आएगी। ऐसे में शुरू से ही सावधानी बरतना जरुरी है।

सरकार का कोरोना को लेकर क्या कहना है

भारत सरकार द्वारा अभी कोरोना का टीकाकारन भी जोरो शोरों पर है। इसलिए सभी लोग जल्द से जल्द वैक्सीन लगवाएं और घरों में बंद होजाए। जिस तरह कोरोना की दूसरी लहर पहली से 4 गुना ज्यादा खतरनाक थी उसी तरह तीसरी भी दूसरी से कई गुना खतरनाक होगी। ऐसे में सतर्कता बरतना बहुत जरुरी है। वैक्सीन लगवाने के बाद भी कुछ सावधानियां बरतने की जरुरत है।

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एक्सपर्ट्स के मुताबित 18 साल से कम उम्र के बच्चे और नवजात बच्चे कोरोना की तीसरी लहर में खतरे में हो सकते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण ये भी हैं किउनके लिए कोई भी वैक्सीन नही बनी है। अभी तक की सभी वैक्सीन 18 से ज्यादा उम्र के बच्चों के लिए ही बनी है और उन्ही के हिसाब से टेस्ट की गयी है।

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