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इन 5 तरीकों से नॉर्मल डिलीवरी के बाद रखें अपना ख्याल

Published by
Harshita Pandey

एक औरत के लिए, नई ज़िंदगी को नॉर्मल डिलीवरी (normal delivery) से जन्म देना कोई आसान काम नहीं है। सिर से पाँव तक शरीर में तरह-तरह के बदलाव आते है। और इस समय इन बदलावों को समझ कर, अपने शरीर का ध्यान रखना बेहद जरूरी हो जाता है। हर महिला को अपनी डिलीवरी के बाद, नीचे दिए गए तरीकों को अपनी ज़िंदगी में जरूर अपनाना चाहिए ताकि दुबारा से आप स्वस्थ और नॉर्मल ज़िंदगी पर लौट पाएँ। जानिए नॉर्मल डिलीवरी के बाद अपने ध्यान कैसे रखें

नॉर्मल डिलीवरी के बाद, इन 5 तरीकों को अपनाकर रखें अपना ध्यान।

1. पौष्टिक और संतुलित आहार लें

डिलीवरी के बाद, शरीर बेहद कमजोर हो जाता है। और उसको जल्द से जल्द स्वस्थ करने की जरूरत होती है। इस समय, महिला को अपना ध्यान रखने के साथ-साथ शिशु को स्‍तनपान भी कराना होता है। इसीलिए महिला को खुद-के खान-पान पर सबसे अधिक ध्यान देना चाहिए।

साबुत अनाज, सब्जियां, फल और प्रोटीन को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें और खूब पानी पिएं। पौष्टिक और संतुलित आहार से ही शरीर को ताकत मिलती है। वहीं इस समय तैलीय और डिब्बा-बंद चीजों का भी परहेज़ करना चाहिए।

2. व्‍यायाम को दिनचर्या का हिस्सा बनाएँ

मन को शांत और शरीर में चुस्ती लाने के लिए, अपनी डॉक्टर की सलाह पर योग व व्‍यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल जरूर करें। और किसी भी कठिन व्‍यायाम को करने से बचें।

खुली हवा में टहलें, गहरी साँसे लें और दूर तक देखें। इससे आपको ताज़ा महसूस होगा और मन को अच्छा लगेगा।

3. आराम जरूर करें

कई महिलाएँ डिलीवरी के तुरंत बाद, अपने पुराने रूटीन (routine) में लौट जाती है और खूब काम करने लगती है। मगर ये बिल्कुल गलत है।

इस समय महिलाओं को अपने शरीर को ज्यादा से ज्यादा आराम देना चाहिए और अच्छी नींद लेनी चाहिए। साथ-ही कोई भी भारी काम अपने घरवालों की मदद से करना चाहिए। ताकि उनका शरीर अच्छे से खुद-को रिकवर (recover) कर पाएँ।

4. मन की बातों को शेयर (share) करें

महिलाओं के मन में डिलीवरी के बाद, तमाम तरह के अच्छे और बुरे विचार आते रहते हैं। मन अशांत-सा रहता है। इसीलिए उनके लिए यह बेहद जरूरी होता है कि वो अपने इन विचारों को किसी अपने के साथ शेयर करें।

किसी अपने के साथ बातें शेयर करने से मन हल्का होता है और हिम्मत मिलती है।

5. स्ट्रेस (stress) से दूर रहें

डिलीवरी के बाद का समय, महिला के लिए मानसिक और शारीरिक दोनों ही स्तर पर मुश्किल रहता है। कई महिलाओं को इस समय, ऐंगज़ाइटी (anxiety) की भी शिकायत रहती है। इसीलिए इस समय कोशिश करें कि खुद-को किसी भी प्रकार का कोई स्ट्रेस न दें। और स्ट्रेस आने पर, अपना ध्यान अलग चीजों में लगाएँ। गाना सुनकर, किताबें पढ़कर या अपने किसी पुराने शौक पर काम करके, खुद को मस्त और व्यस्त रखें।

हर वो काम करें जिससे आपको खुशी मिलें, और आप खुद-को अच्छा महसूस करा पाएँ।

पढ़िए : क्या प्यूबिक हेयर को शेव करना गलत है?

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