प्रेगन्सी के दौरान अपनी जिंदगी और शरीर में आए बदलावों को लेकर थोड़ा स्ट्रेस होना नार्मल है |मगर, यदि आप दिन-रात परेशान और तनावग्रस्त रहती हैं, तो डॉक्टर से मदद लें। लगातार, अत्याधिक चिंता व तनाव आपके बच्चे पर एफेक्ट कर सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि स्ट्रेस का हॉर्मोन कॉर्टिसोल प्लेसेंटा से होते हुए बच्चे तक पहुंच सकता है और बच्चे के इमोशनल डेवलपमेंट को तैयार करने वाले तत्वों को एफेक्टकर सकता है। अपने बच्चे की बेहतरी के लिए अच्छा यही है कि, तनाव से अभी निपट लिया जाए।

प्रेगन्सी में स्ट्रेस दूर करने के लिए उपाय

गर्भावस्था में तनाव होना कोई नयी बात नहीं है पर यह आपके और आपके बच्चे की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

  1. गर्भावस्था में पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं|
  2. अपने आराम के लिए समय निकालें ,आराम करना न केवल आपके लिए अच्छा है, बल्कि आपके बच्चे के लिए भी फायदेमंद है। इसलिए, अगर अतिरिक्त काम-काज करने के लिए आपके पास पर्याप्त ऊर्जा नहीं है, तो ऐसे में काम के लिए मना कर देना ठीक है। भले ही आपके पास कुछ खाली समय हो।
  3. गर्भावस्था के दौरान योग और मैडिटेशन का सहारा लें ,योग न केवल आपके शरीर को मजबूत बनाता है, बल्कि मन को शांत करने और प्रसव पीड़ा कम करने में भी आपकी मदद करते हैं। 
  4. मन में कोई चिंता है तो उसे अपने परिवार के साथ बांटे | जैसे की अगर आपको यह फिक्र है कि क्या आपका बच्चा स्वस्थ है या क्या वह सुरक्षित तरीके से पैदा होगा या नहीं, तो यह चिंता करने वाली आप अकेली नहीं हैं। इन चिंताओं के बारे में बातचीत करने से आपको वाकई लाभ होगा। आप अपने पति, माता या किसी ऐसी सहेली से बात कर सकती हैं, जो पहले से ही एक माँ है। 
  5. बजट को लेकर चिंता होना लाजमी है क्युकी इसमें कोई शक नहीं है की घर में बच्चे के जन्म से कुछ अधिक खर्चे तो होंगे ही। आपको पहले से ही सेविंग्स करनी पड़ेगी |। अपने मानव संसाधन विकास विभाग से पता लगाइए कि आपको छुट्टी के दौरान क्या भुगतान मिलना तय है। चिंता को कम करने के लिए उन चीज़ों की एक सूची बनाइए जिनकी आपको जरूरत है।कुछ चीजेदोस्तों या परिवार से उधार ले सकती हैं |
  6. हंसी हमारे शरीर द्वारा तनाव दूर करने का एक सर्वश्रेष्ठ तरीका है। इसलिए अपने दोस्तों से मुलाकात कीजिए या उनके साथ नई कॉमेडी फिल्म देखने जाइए।आप अपने पति के साथ छुट्टी पर जा सकती हैं और एक साथ अच्छा समय बिताइए। खुद का ख़याल रखें और अपने लिए खूब सारी खुशियाँ जुटाएं – आप वाकई इन सब की सही मायने में हकदार हैं!
  7. अगर आपको प्रसव पीड़ा (pain during pregnancy ) को लेकर तनाव है कि आप दर्द का सामना कैसे करेंगी तो किसी (Prenatal) प्रसवपूर्व क्लास में शामिल होकर जानकारी प्राप्त करें कि Delivery के दौरान क्या होता है । अगर आपको प्रसव ( Delivery)पीड़ा और बच्चे को जन्म देने से इतना डर लग रहा है, कि आप सामान्य ( normal ) प्रसव (Delivery )की तुलना में सीजेरियन करवाने के लिये तैयार है  तो इस बारे में अपनी डॉक्टर से बात करें। सही सलाह और सहयोग से शायद आप इस डर से उबर पाएं।
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