प्रियंका चोपड़ा डिप्रेशन: अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने बताया की कैसे उन्होंने अपने पिता अशोक की मृत्यु के बाद अपने डिप्रेशन के टाइम को पार किया।

2013 में, उनके पिता की 63 वर्ष की उम्र में कैंसर के साथ लंबी लड़ाई के बाद मृत्यु हो गयी। प्रियंका ने ये एक्सेप्ट किया कि उस समय उनके लिए कोई थेरेपी काम नहीं आती थी और उन्हें खुद को काम करने के लिए मजबूर करना पड़ता था। प्रियंका चोपड़ा डिप्रेशन

प्रियंका ने यह भी खुलासा किया कि 30 की उम्र के बाद उनकी प्राथमिकताएं (प्रियोरिटीज़) बदलने लगीं और फिर उन्होनें गायक और अभिनेता निक जोनस के साथ अपने रिलेशन में बैलेंस बनाएं रखने के महत्व पर जोर दिया। फर्न कॉटन के हैप्पी प्लेस पॉडकास्ट से बात करते हुए, चोपड़ा ने कहा कि, “मैंने थेरेपी की कोशिश की लेकिन उस समय मेरे लिए वह काम नहीं किया। मुझे नहीं लगता था कि दवा मेरे लिए एक बेहतर ऑप्शन था। मैं फंसना नहीं चाहती थी , मुझे नहीं पता चला कि यह कैसे शुरू हुआ, अब मुझे अपने लिए सॉरी फील होता है। “ priyanka chopra depression 

प्रियंका ने कहा कि 2014 में आई फिल्म मैरी कॉम में अपने रॉल को एक्सेप्ट कर अपने पिता के मौत से उभरने के लिए पूरी कोशिश की और इस दुख को स्वीकार कर लिया। प्रियंका चोपड़ा के हाल ही में जारी बुक अनफिनिश्ड में उन्होंने लिखा है कि उनके पिता की मृत्यु के तुरंत बाद उन्हें डिप्रेशन का पता चला था, और उनकी डिप्रेशन की अवधि पांच साल तक चली। उन्होनें कहा कि वह अपने दुख को महसूस नहीं करना चाहती थी, इसलिए उन्होनें खुद को इमोशनली एक तरह से बंद कर लिया।

चोपड़ा ने कहा कि, “मैंने कभी भी अपने दुःख को ढ़ंग से जाना नहीं और ना ही उससे निपटा। इसके बजाय, मैंने पॉवर में आने की कोशिश की। मैं पूरी कोशिश कर रहा था कि मैं नॉर्मल रहूँ, लेकिन सच तो यह है कि मैं अपने दुःख को दूर करने के बजाए उसे दबा रही थी। ” प्रियंका चोपड़ा डिप्रेशन

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