जब एक रिलेशनशिप की शुरुआत होती है तो हम अपने पार्टनर का दिल जीतने के लिए जब कुछ दाव पर लगा देने को तैयार हो जाते हैं, ख़ुद को भी। हमें प्यार में अपनी डिग्निटी कुरबान कर देना भी बड़ी बात नहीं लगती। यही एक रोमांटिक रिलेशनशिप की समस्या है, कई बार ये हमसे बहुत कुछ ले लेता है। relationship me boundaries set karne ke tareeke.

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हालाँकि रिश्ते में दोनों ही पार्टनर्स को ऐडजस्टमेंट करनी पड़ती है, औरतों पर इसका ज़्यादा भार पड़ता है क्योंकि उन्हें हमेशा रिश्ता बचाने के लिए पार्टनर को खुश रखने की सलाह दी जाती है। कहा जाता है कि औरतों को ज़्यादा डिमांड नहीं करनी चाहिए, सिर्फ़ पार्टनर की नीड्स को फ़ुलफ़िल करते रहना चाहिए। ऐसे में बाउंडरी सेट करना और भी ज़्यादा ज़रूरी हो जाता है। कुछ चीज़ों पर पहले से ही फैसला ले लेना समझदारी की निशानी है और इससे आपका रिलेशनशिप ईक्वल और कम्फ़र्टेबल होता है।

जानिए रिलेशनशिप में बाउंड्री सेट करने के लिए 6 टिप्स क्या हैं –

1. प्यार और कंसेट एक साथ चलने चाहिए

एक रिलेशनशिप में सब कुछ दो लोगों की कंसेंट से होना चाहिए, विशेष रूप से शारीरिक संबंध। साथी होने का मतलब यह नहीं है कि आप अपने कम्फ़र्ट या जीवन शैली की कीमत पर उनकी ज़रूरतों को फ़ुलफ़िल करने लगें। आप उनसे इस बारे में खुलकर बात कर सकते हैं कि आप बेड पर या उसके बाहर कहाँ लाइन ड्रॉ करना चाहते हैं।

सहमति(कंसेंट) की उपस्थिति हर मसले में ज़रूरी है। यह तब भी होना चाहिए जब आपके पार्टनर बेडरूम में कुछ नया ट्राई करना चाहते हों लेकिन आप नहीं चाहते , या जब वे चाहते हैं कि आप न्यूड्स भेजें, लेकिन आप इसमें कम्फ़र्टेबल नही हों, और तब भी जब आप सेक्स के बीच में रुकना चाहते हैं। उन्हें बताएं कि ‘हां’ और ‘नहीं’ कंप्लीट सेंटेंसेस हैं।

2. समझौता करना बुरा नहीं है

उन चीजों के लिए पहले ही बिड(bid) कर लें, जिनपर आपके साथी दावा कर सकते हैं और बदले में, आप भी दावा कर सकते हैं। मूल रूप से इसका मतलब ये है कि आप दोनों को इतनी समझ विकसित कर लेनी चाहिए कि छोटी मोटी इरिटेशन्स कम से कम हो। उदाहरण के लिए, यदि आप ऐसे व्यक्ति हैं जो अपनी दोपहर की नींद से समझौता नहीं कर सकते और आपके साथी ऐसे व्यक्ति हैं जो रात की नींद को कंप्रोमाइज़ नहीं कर सकते, तो इस समय का बार्टर करें। जब आप दोपहर के भोजन के बाद सोयें तो वो आपको काॅल ना करें और रात के खाने के बाद आप उन्हें काॅल ना करें । या यदि आप शॉपिंग पसंद करते हैं और वो क्लबिंग का आनंद लेते हैं, तो एक दूसरे पर अपनी पसंद ना थोपने का वादा करें।

ये मुद्दे छोटे लग सकते हैं पर असल में ये रिलेशनशिप के अहम मुद्दे हैं।

3. कम्यूनिकेशन बहुत ज़रूरी है

बोरिंग मोरल साइंस की किताबों में पाए जाने वाले इस युगों पुराने ज्ञान का सामना करने से आपकी आँखें और कान थक सकते हैं, लेकिन इस विषय के हर जगह मौजूद होने का एक कारण है। क्योंकि कम्यूनिकेशन वास्तव में महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से एक नए रिश्ते में, जब आपने एक दूसरे को जानने की शुरुआत ही की हो।

उन्हें यह बताना ज़रूरी है कि आप हर समय कैसा महसूस करते हैं – उनके बारे में, उनके कार्यों और विचारों के बारे में। अगर आप बोलने में सहज(comfortable) महसूस नहीं करते तो टेक्स्ट कर दें, लेकिन बिना किसी हिचकिचाहट के अपनी भावनायें उनके सामने बयाँ ज़रूर करें। अपने रिलेशनशिप से गलतफहमियों को दूर रखने के लिए, बात करें। मनुष्य अभी तक मन की बाते पढ़ने में सक्षम नहीं हो सके हैं।

4. “मी टाइम” स्पेंड करना हेल्दी है

एक रिलेशनशिप से ज़िंदगी में कई बदलाव आते हैं लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि किसी और के लिए स्पेस बनाने के चक्कर में अपने व्यक्तिगत स्पेस को ही त्याग देना चाहिए। हाँ, आपको अनिवार्य रूप से अपने जीवन में साथी के लिए जगह बनानी होगी, लेकिन अपने स्पेस पर मालिकाना हक खोने कि ज़रूरत नहीं है। यहां तक ​​कि शादी जैसे लॉन्ग टर्म रिलेशनशिप में भी दोनों व्यक्तियों के पास अलोन टाइम होना ही चाहिए।

आप किसी और के होने से पहले ख़ुद के हैं। इसलिए अपने पार्टनर के गले में तब तक बाहें डालिए जब तक आप चाहते हैं। उनसे तब तक बात करिये जब तक आपकी या आपके फ़ोन की बैटरी डेड न हो जाए। लेकिन जब आपको उनसे बात ना करनी हो या उनकी दखलअंदाज़ी पसंद ना आये तो बिना किसी शर्म के उनसे अपना पर्सनल स्पेस भी माँगिए।

5. अपने ऐक्शन्स की ज़िम्मेदारी लीजिए

एक व्यक्ति और उसके रिलेशनशिप की मैच्योरिटी, अपने कहे और किये कि रिस्पाॅंसिबिलिटी लेने की ऐबिलिटी और हिम्मत से डेवलप होती है। ऐसा करने से आपकी डिग्निटी भी बढ़ती है और आपके रिलेशनशिप में समस्याएं भी कम आती हैं। चूँकि आपको पता है कि आपने आज तक क्या कहा और किया है, आगे चल के आपको इसके बेसिस पर बाउंडरीज़ ड्रॉ करने में आसानी होगी।

अपने वर्ड्स पर स्टैंड लेना आपको पार्टनर के बेसलेस इल्ज़ामों से भी बचाता है। इससे ये मैसेज भी जाता है कि आप अपने पार्टनर की रिस्पेक्ट करते हैं और उनके साथ अपने रिश्ते को सीरियसली लेते हैं।

6. पार्टनर को धोखे में ना रखें

कोई भी कमिटमेंट पत्थर की लकीर नहीं होती। हम हमेशा बदलते रहते हैं और हमारे साथ हमारी भावनाएं भी करवट ले सकती हैं। ये होना बिल्कुल नैचुरल है लेकिन बेहतर यही होगा कि रिलेशनशिप का अंत एक अच्छे नोट पर हो। किसी एक पार्टनर को दूसरे को रिलेशनशिप स्टेटस पर लटका कर नहीं रखना चाहिए, इससे सामनेवाले का दिल टूटता है।

अगर आप एक लाँग टर्म रिलेशन नहीं चाहते हैं या आपको लगने लगा है कि अब आपके रिश्ते में वो बात नहीं रही जो पहले थी, तो उन्हें साफ़ शब्दों में बताइये। उन्हें अँधेरे में मत रखिये।

ये थे relationship me boundaries set karne ke tareeke.

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