फ्रांस की सरकार ने मंगलवार को घोषणा की कि स्टूडेंट्स को मिलेंगे पीरियड प्रोडक्ट्स फ्री में। ऐसा करके फ्रांस दुनिया कि पीरियड गरीबी हटाने के अभियान में जुड़ गया है।

पीरियड पावर्टी मतलब होता है इंसान जब गरीब होने के कारण से पीरियड्स के महंगे प्रोडक्ट्स नहीं खरीद पाते हैं। फ्रेडेरिक विडाल जो कि फ्रांस के हायर एजुकेशन मिनिस्टर हैं उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स जहा रहते हैं वहां मशीन्स लगाई जाएगी जिस मे पीरियड के प्रोडक्ट्स जैसे सेनेटरी नैपकिन होंगे। विश्वविद्यालयों मैं भी ये अगले हफ्ते तक लगा दी जाएँगी।

विडाल ने कहा की फ्रांस की सरकार अगले साल तक हम कोशिश करेंगे की पीरियड प्रोडक्ट्स सभी को फ्री में मिल्पाएं। फ्रांस इस मुहीम में स्कॉटलैंड को फॉलो कर रहा है क्योंकि स्कॉटलैंड पहला ऐसा देश है जिसने पीरियड प्रोडक्ट्स सभी के लिए फ्री कर दिए हैं। इस से पीरियड पावर्टी ख़तम करने की नई मुहिल को बढ़ावा मिला है। इंग्लैंड भी प्राइमरी और सेकेंडरी के बच्चों को फ्री में पीरियड प्रोडक्ट्स देता है। पिछले हफ्ते न्यूज़ीलैण्ड भी इस में जुड गया।

फ्रांस के प्रेसिडेंट एम्मानुएल मैक्रॉन ने पहले उन महिलाओं का भी मुद्दा उठाया था जिनका खुदका घर नहीं है जिसकी वजह से उनको पीरियड प्रोटेक्शन नहीं मिलता। मैक्रॉन ने कहा की रोड पर पीरियड्स आना और गरीबी के कारण पीरियड प्रोडक्ट्स ना ले पाना एक इंसान को शर्मशार कर देता है।

इस साल महामारी की वजह से कई बच्चों की नौकरियाँ चली गयीं है। स्टूडेंट्स के लिए ऐसे में काफी मुश्किल हो जाता है कि वो अपने खर्चे मैनेज करपाएं। पीरियड्स आना विमेंस के कण्ट्रोल में नहीं रहता पर सरकार चाहे तो उसे उनके लिए आसान बना सकतें हैं। यहां तक की इंडिया में भी पीरियड प्रोडक्ट्स के प्राइस बहुत ज्यादा बड़े हुए हैं जिसके कारण कई लोग पैड की जगह कपडा इस्तेमाल करते हैं जिसकी वजह से उन्हें कई बीमारियों और इन्फेक्शन्स का सामना करना पड़ता है। जो गलती वो करते भी नहीं उसकी सजा उन्हें मिलती है। फ्री प्रोडक्ट्स मिलना हर एक महिला का अधिकार होना चाहिए और सरकार को इस पर ध्यान दें चाहिए।

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