आज के टाईम में सिर्फ यंग या कॉलेज के बच्चे ही तनाव से रोज दो-चार नहीं होते बल्कि इनके साथ-साथ टीनेजर्स में भी तनाव या डिप्रेशन तेजी से अपने पैर पसार रहा है। मुश्किल इस बात की है कि कई बच्चे इस सिचुएशन से खुद को निकाल पाने के काबिल नहीं होते। यही वजह है कि वे कई बार तनाव के चलते उदासीऔर नेगेटिविटी से घिर जाते हैं। आइये जानते हैं टीनेजर्स में तनाव के लक्षण और कारण के बारे में।

ये हैं टीनेजर्स में तनाव के लक्षण और कारण (Teenagers mein tanav ke lakshan aur upaay )-

1. लक्षण जो बताते हैं कि बच्चा तनाव में हैः

  •  नींद का न आना

टीनएज के बच्चों को नींद बहुत प्यारी होती है, लेकिन अगर उनकी नींद गायब है या कम हो रही है, तो इस बात का साफ अंदेशा होता है कि जरूर उनके साथ कुछ गड़बड़ चल रही है। ऐसे में आप उन्हें रात को सोने से पहले उनके मोबाइल फोन का इस्तेमाल कम समय के लिए करने को कह सकते हैं, ताकि उनकी नींद में कोई बाधा न आए।

  •  बेचैनी बढ़ना

जब भी कोई मुश्किल आती है तो बच्चे अपने आप को सहज कर पाने में असमर्थ महसूस करते हैं, उन्हें बेचैनी महसूस होती है। अगर आपका बच्चा भी आराम न कर पा रहा हो और बहुत बेचैन हो तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि वह तनाव की स्थिति से गुजर रहा हो।

  •  खान-पान में बदलाव

आपका बच्चा ज्यादा खाने लगे या उसकी खुराक कम हो जाए, खान-पान में बदलाव का मतलब सिर्फ शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक तनाव से भी लिया जा सकता है। बहुत अधिक मात्रा में जंक फूड या सेहत के लिए हानिकारक भोजन करने से मूड में भी बदलाव तेजी से होते हैं, जिसकी वजह से व्यवहार में भी परिवर्तन होता है। टीनएज बच्चों में तनाव से जुड़े अध्ययन में पाया गया है कि लगभग 30 प्रतिशत बच्चे अपना एक समय का खाना खाना ही बंद कर देते हैं।

  • अत्यधिक गुस्सा या भावनात्मक तौर पर टूट जाना

बच्चा टीनएज में है, इसीलिए हॉर्मोनल असंतुलन की वजह से यह सब हो रहा है। हर बार हॉर्मोन्स पर बात को टाल देना भी सही नहीं है। कभी-कभी वजह कुछ और या फिर बहुत गहरी हो सकती है। अगर आपके बच्चे को भी बहुत जल्दी-जल्दी गुस्सा आता है, वह दुखी रहता है या हर बात पर चिढ़ता है तो आपको उसके साथ बातचीत करनी चाहिए। हो सकता है कि उसे किसी बात का तनाव हो और आपसे बातचीत करके उसकी समस्या कम या खत्म हो जाएं।

  •  जोखिमभरी गतिविधियां

अगर आपका बच्चा भी ड्रग्स या शराब को पहली बार लेने की इच्छा जताए या आपको शक हो कि वह इस तरह की चीजों का प्रयोग लगातार कर रहा है तो यह भी एक संकेत हो सकता है कि बच्चा खुद को तनाव से दूर रखने की कोशिश कर रहा हो |

वाकई तनाव कोई चरण या कोई चलन नहीं है। बल्कि यह एक परिस्थिति है, जिसका डटकर सामना करना चाहिए। भले शरीर से टीनएज बच्चे बड़े लगने लगें, लेकिन इनका मानसिक विकास मौजूदा तनाव और दबाव को सह पाने के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं होता। पर माता-पिता का प्यार और साथ उनकी ढाल का काम करता है साथ ही बच्चे का आत्म-विश्वास बढ़ाएं कि वह इस परिस्थिति का भी सामना करने में समर्थ है।

2. टीनएज बच्चों में तनाव के कारण

आखिर क्या ऐसी वजह है कि बच्चे इतना तनाव में चले जाते हैं कि उन्हें उनके आस-पास की दुनिया बेमानी लगने लगती है? बच्चे तनाव की गिरफ्त में क्यूं और कैसे पहुंचते हैं, इसके कई कारण हो सकते हैं।

  • स्कूल में अच्छा प्रदर्शन न कर पाना।
  • कॉलेज या स्कूल में रैगिंग या बुलिंग।
  • लव-अफेयर में धोखा।
  • माता-पिता की बच्चे से ज्यादा अपेक्षाएं।
  • इंटरनेट की दुनिया में खेलों या अंजान लोगों का दबाव।
  • दोस्तों का दबाव।
  • इसके अलावा भी कई कारण हो सकते हैं। लेकिन जरूरी है कि माता-पिता अपने बढ़ते बच्चों की गतिविधियों पर बराबर नजर बनाए रखें और जरूरत पड़ने पर उनका दोस्त बनें। बच्चों के साथ जब भी कोई गलत चीज घटित होती है तो भले बच्चे आपको न बताएं, लेकिन बच्चों से आपको कुछ ऐसे संकेत जरूर मिलते रहेंगे जो आपके लिए अलार्म का काम करते हैं। इन संकेतों की नजरअंदाजी काफी भारी पड़ सकती है।

ये हैं टीनेजर्स में तनाव के लक्षण और कारण । इसे समझिए और अपने बच्चे को डिप्रेशन में जाने से बचाइए।

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