Things Girls Should Not Sacrifice: 5 चीज़े जो लड़कियों को कभी सैक्रिफाइस नहीं करनी चाहिए

Things Girls Should Not Sacrifice: 5 चीज़े जो लड़कियों को कभी सैक्रिफाइस नहीं करनी चाहिए Things Girls Should Not Sacrifice: 5 चीज़े जो लड़कियों को कभी सैक्रिफाइस नहीं करनी चाहिए

SheThePeople Team

06 Jan 2022


Girls Should Not Sacrifice: जब एक लड़की शादी के बाद अपना घर छोड़ के जाती है तो लोग   उसे बलिदान की देवी समझकर उस से बाकि चीज़ो में भी दूसरों को आगे रखकर, दूसरों की ख़ुशी को महत्तता देने की अपेक्षा करते है। पर यह गलत है क्योंकि इंसान होने के नाते उसे भी अपनी ख़ुशी और हक़ पाने का पूरा अधिकार है। आईए जानते है ऐसे ही कुछ 5 चीज़ो के बारे में जिन्हें किसी भी लड़की को कभी भी सैक्रिफाइस नहीं करना चाहिए।

1. सेल्फ रेस्पेक्ट

हर एक व्यक्ति को सम्मान का अधिकार है। एक दूसरे का सम्मान करना हर इंसान का धर्म है। आत्मसम्मान से शक्ति, उत्साह का जन्म होता है। यह खुद को डर, शंकाओं से दूर रखता है और खुद को लायक बनाता है। किसी के प्यार के बदले, परिवार की शान के लिए इससे गवां देना बेवकूफी है। ऐसा करके आप ख़ुद के दुश्मन बन जाते है।

2. एजुकेशन

अक्सर लड़कियों को ज़्यादा न पढ़ने की सलाह दी जाती है यह सोच कर कि इससे उनकी शादी में अर्चन आएगी पर सच यह है कि पढ़ने लिखने से हमें सही और गलत का फ़र्क समझ में आता है। किसी के साथ हो रहे भेदभाव के खिलाफ खड़े होने की शक्ति मिलती है। यह आपको तर्क करने की हिम्मत देती है। इसीलिए अपने भविष्य और हक़ के लिए शिक्षा ग्रहण ज़रूर करें।

3. जॉब

नौकरी आपको सिर्फ़ पैसे नहीं देती बल्कि आपको स्वतंत्र भी बनाती है। किसी पर निर्भर होके जीने से आप खुद के सम्मान को ताक पर रख रहे होते है। शादी, घर के काम, बच्चों के लिए आदि बातों के दबाव में आकर आप नौकरी छोड़ देती है पर कभी आदमी को इन सब के लिए नौकरी छोड़ते हुए देखा है?

4. ख़ुद के लिए प्यार

परिवार और दूसरे लोगों का ख्याल रखते रखते औरत ख़ुद को अक्सर भूल जाती है। आप भी आपके जीवन में महत्व है, आप को खुद के लिए सजने सवंरने का हक़ है। इसीलिए कभी भी दूसरों के लिए ख़ुद को, ख़ुद के सम्मान, प्यार की बलि ना दें। अपने लिए समय निकालना, ख़ुद के साथ समय व्यतीत करना किसी के लिए न छोड़े। 

5.आपका हक़

अक्सर शादी के बाद यह तुम्हारा है, यह तुम्हारा नहीं है, तुम्हारा कोई हक़ नहीं है ऐसी बातें सुनने को मिलती है। औरत ख़ुद को बेबस महसूस करती क्योंकि उसका कुछ नहीं रहता। ऐसे में क़ानूनी तौर अपने हक़ को पहचानकर उन्हें कभी न छोड़े जैसे पिता की सम्पंति पर हक़, जॉब मैटरनिटी लीव, घर के काम में सब का इन्वॉल्वमेंट आदि।


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