वजाइना के ऊपर एक पतली नमी वाली कोटिंग होती है। इस कोटिंग की नमी से वजाइना का वातावरण एल्कलाइन हो पाता है जिससे स्पर्म यूट्रस में जा पाता है। लेकिन अक्सर महिलाओं को वेजाइनल ड्राइनेस की समस्या देखने को मिलती है। तो आइए जानते हैं  वेजाइनल ड्राइनेस क्या होती है और इसके क्या कारण व लक्षण होते हैं

वेजाइनल ड्राइनेस क्या होती है  ?

अक्सर शरीर में हार्मोन के बदलाव से वजाइना की दीवारें कम मॉइश्चर रिलीज करता है जो वजाइनल ड्राइनेस कहलाता है।

वेजाइनल ड्राइनेस के क्या कारण होते हैं ?

वेजाइनल ड्राइनेस ऐसे तो कई कारणों से हो सकते हैं पर मुख्य तौर से उन के कारण कुछ इस प्रकार होते हैं –

  • ब्रेस्टफीडिंग,
  • स्मोकिंग करना,
  • तनाव में रहना,
  •  इम्यून सिस्टम का कमजोर होना या इम्यून सिस्टम से जुड़ी परेशानियां
  • कैंसर ट्रीटमेंट जैसे कीमो थेरेपी या रेडिएशन थेरेपी या हार्मोन थेरेपी
  • ओवरीज का सर्जिकल रिमूवल,
  • डिलीवरी होना
  • Douching – वेजाइनल ड्राइनेस का एक कारण वेजाइनल हेयर को साफ करने के लिए क्रीम या लोशन का इस्तेमाल करना भी हो सकता है।

हालांकि कुछ कारण ऐसे हैं जिनको कुछ दवाइयों के साथ सही किया जा सकता है।

वेजाइनल ड्राइनेस के लक्षण क्या होते हैं ?

वेजाइनल ड्राइनेस अक्सर छोटे-मोटे संकेतों से पता लग जाती है लेकिन अगर आपको नीचे दी गई कोई सी भी समस्या मिलती हुई दिखती है तो आपने डॉक्टर को जरूर दिखाएँ –

  • वजाइनल स्पेस में जलन होना,
  • सेक्स के दौरान दर्द होना,
  • सेक्स करने का मन ना होना,
  • वाजाइना के आस पास दाने होना,
  • UTI जो अक्सर नहीं होते पर अब हुए।
  • वजाइना के स्पेस में खुजली होना,
  • सेक्स के बाद हल्की ब्लीडिंग होना।

यह सभी संकेत वेजाइनल ड्राइनेस होने के होते हैं। वजाइनल ड्राइनेस अक्सर बहुत नॉर्मल होता है पर अगर आपको इससे समस्या ज्यादा हो रही है तो आप जल्द से जल्द से डॉक्टर को दिखाएं। डॉक्टर आपको आपकी वेजाइनल ड्राइनेस के सही उपाय बताएंगे।

Email us at connect@shethepeople.tv