क्या ज़रूरत से ज्यादा नींद आना है नुकसानदेह ? जानिए ओवर-स्लीपिंग के साइड-इफेक्ट्स

क्या ज़रूरत से ज्यादा नींद आना है नुकसानदेह ? जानिए ओवर-स्लीपिंग के साइड-इफेक्ट्स क्या ज़रूरत से ज्यादा नींद आना है नुकसानदेह ? जानिए ओवर-स्लीपिंग के साइड-इफेक्ट्स

SheThePeople Team

19 Aug 2021


ओवर-स्लीपिंग के साइड-इफेक्ट्स - नींद हमारे शरीर के लिए बहुत जरुरी है। अगर पर्याप्त मात्रा में नींद ना ली जाए तो इससे आपकी हेल्थ को नुकसान होता है।लेकिन क्या आपको पता है जरुरत से ज्यादा सोना भी आपकी सेहत ख़राब कर सकता है। ये तो सबको पता है कि किसी भी चीज़ कि अधिकता नेक्सान्देह साबित हो सकती है। ज्यादा सोना एक बीमारी है , जिसके बारे में बहुत काम लोगों को मालूम है।ओवरस्लीपिंग के चलते आपको सिरदर्द से लेकर वजन बढ़ना, पीठ में दर्द, डिप्रेशन, हार्ट डिजीज व थकान आदि समस्याएं हो सकती हैं। हाइपरसोम्निया एक स्लीप डिसॉर्डर है, जिसमें रात में बहुत नींद आती है और सुबह उठने में भी परेशानी होती है।

ओवर-स्लीपिंग के साइड-इफेक्ट्स :


वजन बढ़ना और मोटापा

ज्यादा सोना शरीर के मेटाबोलिज्म को धीमा कर देता है।एक्सपर्ट्स के अनुसार अच्छी फिजिकल और मेंटल हेल्थ के लिए 8 घंटे की नींद लेनी चाहिए। लेकिन जरुरत से ज्यादा सोने से हमारे बॉडी पार्ट्स पर बुरा असर पड़ता है।शरीर अकड़ जाता है और सबसे ज्यादा मोटापा का खतरा बढ़ता है। खाने के बाद दिनभर लगातार सोने से बॉडी मूवमेंट बंद हो जाता है और वजन बढ़ने लगता है।

सिरदर्द और डिप्रेशन

जब लोग देर से सोकर उठते हैं तो, उन्हें सिरदर्द की परेशानी महसूस होती है। कुछ स्टडीज़ में भी इस बारे में कहा गया है कि बहुत देर तक सोने के कारण दिमाग के न्यूरोट्रांसमिटर्स प्रभावित होते हैं। जिससे, सिर दर्द होने लगता है।अगर कोई व्यक्ति तनाव से गुज़र रहा है तो वह अधिक देर तक सोता है ।कुछ स्टडीज़ में ऐसा कहा गया है कि डिप्रेशन से परेशान बहुत से लोगों को देर तक सोने की आदत होती है।इसे कंटिन्यू करने से समस्या और गंभीर हो जाती है।

डायबिटीज की संभावना ओवर-स्लीपिंग के साइड-इफेक्ट्स

जैसा कि डायबिटीज़ या हाई ब्लड शुगर इस समय सबसे बड़ी लाइफस्टाइल डिजिजेज़ में से एक है। इसीलिए, अगर आप इस समस्या से बचना चाहते हैं तो खुद को बहुत अधिक देर तक सोने के लालच से बचाएं। दरअसल, लम्बे समय तक सोने से शरीर का मेटाबॉलिक फंक्शन प्रभावित होता है। जिससे वजन बढ़ने और डायबिटीज़ जैसी बीमारियों की संभावना बढ़ती है।जो लोग हर रात में नौ घंटे से अधिक सोते हैं, उनमें डायबिटीज की आशंका उन लोगों की तुलना में 50 फीसदी अधिक होती है, जो सात घंटे की नींद लेते हैं। 

हार्ट डिजीज का खतरा

ज्यादा नींद से हार्ट रिलेटेड प्रॉब्लम होने की संभावना बनी रहती है।एक्सपर्ट्स के मुताबिक जरुरत से ज्यादा नींद से कोरोनरी हार्ट प्रॉब्लम और स्ट्रोक का खतरा होता है। एक स्टडी में सामने आया है कि जो लोग 9 घंटे या उससे ज्यादा नींद लेते हैं,उन्हें सीने में दर्द की शिकायत होती है। जो महिलाएं 9 घंटे से ज्यादा सोती हैं उनमें नार्मल महिलाओं से हार्ट अटैक के चांस 38 % अधिक होता है।


Disclaimerयह सार्वजनिक रूप से एकत्रित जानकारी है। यदि आपको किसी विशिष्ट सलाह की आवश्यकता है तो कृपया डॉक्टर से परामर्श करें।




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