फाल्गुनी शाह कौन हैं? महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा स्त्रोत्र क्यों बन गई हैं?

फाल्गुनी शाह कौन हैं? महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा स्त्रोत्र क्यों बन गई हैं? फाल्गुनी शाह कौन हैं? महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा स्त्रोत्र क्यों बन गई हैं?

SheThePeople Team

25 Jan 2022


फाल्गुनी शाह कौन हैं? हाल ही में ग्रैमी 2021 में बेस्ट चिल्ड्रन एल्बम सेक्शन में फाल्गुनी शाह का "क्रेयॉन्स आर वंडरफुल" एल्बम को चुना गया है। नाम से पता लग गया होगा कि वो एक भारतीय है तो आईए जानते है उनके बारे में कुछ ख़ास बातें।

फाल्गुनी शाह कौन है?

कई हाई प्रोफाइल संगीतकारों के साथ काम कर चुकी फाल्गुनी शाह मुंबई में जन्मी शास्त्रीय भारतीय संगीत की शिक्षा हासिल कर न्यू यॉर्क बेस्ड सिंगर व सांग राइटर है। वह पहली भारतीय महिला है जो ग्रैमी अवार्ड्स के लिए चुनी गई और वो भी दो बार। उनके म्यूजिक ने प्राचीन भारत की धुन को कंटेम्पररी वेस्टर्न साउंड्स के साथ जोड़ा है।

फाल्गुनी शाह के नाम ग्रैमी अवार्ड्स के साथ और कौन सी उपलब्धियाँ है?

2015 में "इकनोमिक टाइम्स ऑफ़ इंडिया" में छपी लिस्ट "20 मोस्ट इन्फ्लुएंटीएल ग्लोबल इंडियन वोमेन" में शामिल थी। उनके गाने हॉलीवुड ब्लॉकबस्टर मूवीज जैसे एंजेलिना जोली की डिरेक्टरल डेब्यू "ए प्लेस इन टाइम" में फीचरएड हुआ है। फाल्गुनी का डेब्यू एल्बम "थी वौइस् ऑफ़ इंडियन अमेरिकन ट्रेंडसेट्टिंग आर्टिस्ट" में चुका शामिल है।

उन्हें "वाइट हाउस" बराक ओबामा के स्टेट डिनर में परफॉर्म करने के लिए दो बार आमंत्रित किया गया है। 2004 में फलु को सोलोइस्ट की तरह लीजेंडरी सिलिस्ट यो-यो-मा के साथ परफॉर्म करने के लिए भी इन्वाइट किया गया था। फाल्गुनी ने खुद का बैंड बनाया जो "फॉक्स चैनल'स फीयरलेस म्यूजिक" में फीचर हुआ। उस समय "रब्बा" पहला ओरिजिनल हिंदी गाना था जो विश्व स्तर स्टार पर प्रसारित हुआ था।

फाल्गुनी शाह हर किसी के लिए इंस्पिरेशन कैसे है?

फाल्गुनी शाह के नाम ऐसे कई उपलब्धियाँ है कि सभी को एक साथ लिख पाना मुश्किल है। समाज में औरत पर रोक-टोक लगाने के बावज़ूद फाल्गुनी शाह ने माँ के कर्तव्य को पूरी तरह निभाते हुए अपने म्यूजिक के करियर व पैशन को ज़िंदा रखा। उन्होंने अपने गाने के स्त्रोत्र को अपने 4 साल के बच्चे में ढूँढा। 39 वर्षीय माँ हर वर्किंग वुमन के लिए इंस्पिरेशन है।

उनसे हमें यह शिक्षा मिलती है कि इंसान चाहे तो क्या कुछ नहीं कर सकता। हिम्मत और मेहनत करना कभी न छोड़ो। इंसान को खुद का डर जंजीरों में बांधे रखता है। अपनी सोच को पंख दीजिए, आप खुद उड़ने लगेंगे।


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