"मेरा पति मुझे रोज शराब पीकर मारता है"आखिर कब तक मैं ये सहूँ?

"मेरा पति मुझे रोज शराब पीकर मारता है"आखिर कब तक मैं ये सहूँ? "मेरा पति मुझे रोज शराब पीकर मारता है"आखिर कब तक मैं ये सहूँ?

SheThePeople Team

25 Sep 2021


Why Women Suffer Domestic Violence?  घरेलू अत्याचार यह सबसे आम और सबसे खराब चीज है जिसमें महिलाओं के ऊपर शारीरिक और मानसिक तौर पर अत्याचार किया जाता है। क्यों महिलाओं को अत्याचार सहना पड़ता है और क्यों हमेशा महिलाएं ऐसे घरेलू हिंसा का शिकार होती है?

क्यों होती है महिलाओं के साथ मार पीट (Why Women Suffer Domestic Violence?)

कई महिलाएं खुद के ही घर में अपने पति से पीटी जाती है या फिर उनके साथ शारीरिक अत्याचार होता है। चाहे वह एक काम करने वाली महिला हो जो पैसे कमाती है या फिर वह एक गृहिणी हो। कई बार सुनाई देता है कि किसी पुरुष ने अपने पत्नी को बड़े बेरहमी से मारा। इसका कारण कभी शराब होता है, कभी पैसे होता है या फिर कई बार दहेज होता है।

महिलाएं जब अपने ही घर में सुरक्षित महसूस नहीं करती तो वह जाएगी कैसे। हमारे समाज में जब एक महिला को उसका पति शराब पीकर मारता है तो उसे बचाने के लिए कोई दखलंदाजी नहीं करता और सिर्फ देखते रहते है। लेकिन अगर कोई महिला और पुरुष सड़क पर खड़े होकर बाते करे तो कई लोग उनको ताने मारते हैं और उनके खिलाफ गलत चीजें कहते हैं। समाज में महिलाओं का सम्मान करना बहुत जरूरी है,अगर किसी महिला को उनके ही घर में शारीरिक या मानसिक तौर पर परेशान किया जा रहा है तो इसके खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है।

महिलाओं का खुद के स्वाभिमान के लिए लड़ना है जरूरी

अगर महिलाएं खुद के ऊपर होने वाले अत्याचार को सहती रहेगी तो वह कभी खुश नहीं रह पाएगी। महिलाओं ने खुद के सुरक्षा के लिए हिंसा के खिलाफ आवाज उठाना बहुत जरूरी है। जब किसी महिला के साथ हिंसा होती है तो उन्होंने इसके खिलाफ आवाज उठाना चाहिए और अपने पति के खिलाफ भी पुलिस में कंप्लेंट दर्ज करवानी चाहिए। किसी भी तरह का मानसिक या शारीरिक अत्याचार सहना यह भी एक अपराध है।

महिलाओं को आज के जमाने किसी भी प्रकार की हिंसा को सहने की जरूरत नहीं है। अगर किसी महिला को उसका पति शराब पीकर मारता है तो उसके खिलाफ आवाज़ उठाएं फिर भी ना सुने तो उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करें। अगर ऐसा नहीं करोगे तो बेवजह जिंदगी भर मार खाते रहोगे। हमारे समाज को बदलने की बहुत जरूरत है ,बेटियों की शादी कर देना यही एक जिम्मेदारी नहीं होती। बेटी शादी करने के बाद अपने ससुराल में खुश है या नहीं है क्या उसके साथ कोई हिंसा हो रही है यह सब जानना बहुत जरूरी है।

यह हर माता-पिता का कर्तव्य है कि वह अपनी बेटी के हाल चाल के बारे में उसे पूछे अगर उसके साथ कोई अन्याय हो रहा है तो अन्याय के खिलाफ आवाज उठा उठाएं और अपनी बेटी के साथ खड़े रहे।


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