Married Women Rights: हर शादीशुदा महिला को पता होने चाहिए यह 5 अधिकार

एक महिला को अपने शरीर पर पूरा अधिकार होता है। महिला को खुद को स्वस्थ रखने का अधिकार है। शादी के बाद यदि महिला अबॉर्शन कराना चाहती है तो उसे पूरा अधिकार है। जानें अधिक इस महिला प्रेरक ब्लॉग में -

Vaishali Garg
01 Feb 2023
Married Women Rights: हर शादीशुदा महिला को पता होने चाहिए यह 5 अधिकार

Married Women Rights

Married Women Rights: भारतीय समाज के लोग औरत के लिए लागू किए केवल बेसिक लॉस के बारे में जानते हैं। कानून ने महिलाओं के लिए बहुत से अधिकार बनाए हैं जिनके बारे में भारतीय समाज के पुरुष और महिलाएं दोनों ही नहीं जानते भारतीय महिलाएं अपने आप को चार दीवार में कैद रखती है और शादी के बाद समझती हैं कि वही उनका संसार है। कई बार शादी के बाद उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ता है लेकिन वह अपनी सही स्टेप नहीं ले पाती क्योंकि वह अपने अधिकारों से अवगत ही नहीं है। 

यदि आप शादीशुदा है और नहीं भी है फिर भी आपको यह शादीशुदा महिलाओं के लॉ के बारे में पढ़ना चाहिए। हमारे भारतीय संविधान में शादीशुदा महिलाओं को लेकर कई सारे सेक्युलर, रिलीजियस और न्यूट्रल कानून मौजूद है जिनसे हर महिलाओं को अवगत होना चाहिए।
आज हम आपको बताएंगे शादीशुदा महिलाओं के उन कानून के बारे।


5 Married Women Rights In Hindi 

1. वैवाहिक घर का अधिकार

एक विवाहित महिला को शादी के बाद अपने ससुराल में रहने के लिए लॉ बनाया गया है। यदि पति पत्नी एक दूसरे से अलग रहने का डिसीजन लेते हैं इसके बाद भी महिला से उसका वैवाहिक घर छोड़ने के लिए नहीं कहा जा सकता है। चाहे वह घर इनलॉज का हो, पति का हो शादी के बाद महिला का आधा हक उस घर पर होता है।

2. स्त्री के धन का अधिकार

वह सभी उपहार जो एक महिला को उसकी शादी से पहले, शादी के दौरान या उसके बच्चों के जन्म के दौरान मिलते हैं। उन सब पर महिला का हक होता है। डिवोर्स के दौरान हुए बंटवारे में स्त्री धन का बंटवारा नहीं किया जाता।

3. वायलेंस के खिलाफ अधिकार

भारतीय समाज और भारतीय परिवार में घरेलू हिंसा को लेकर कई दंडनीय लॉ बनाए गए हैं। भारतीय कानून में विवाहित महिला की सुरक्षा के लिए कानून बनाए गए हैं। यदि शादी के बाद महिला पर किसी भी तरह का वायलेंस होता है तो वह महिला केस फाइल कर सकती है।

4. स्वस्थ शरीर का अधिकार

एक महिला को अपने शरीर पर पूरा अधिकार होता है। महिला को खुद को स्वस्थ रखने का अधिकार है। शादी के बाद यदि महिला अबॉर्शन कराना चाहती है तो उसे पूरा अधिकार है। विवाहित पति बिना कंसेंट के अपनी पत्नी के साथ शारीरिक संबंध नहीं बना सकता।

5. शादी के बाद अलग होने का अधिकार

वैवाहिक जीवन में प्रवेश करने की कंसेंट पति व पत्नी दोनों की होती है लेकिन वह शादी के बाद भी यदि अलग होना चाहते हैं तो भारतीय कानून ने उनके लिए कुछ लॉ बनाए हैं। पति व पत्नी चाहे तो म्यूच्यूअल डिवोर्स ले सकते हैं।

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