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Photograph: (X/@airnewsalerts)
होली के कलर में जहां देशभर में गुलाल और पानी की बौछार होती है, वहीं उत्तर प्रदेश के बरसाना में खेली जाती है एक अनोखी होली — लट्ठमार होली। यहां महिलाएं लाठियों से पुरुषों को प्रतीकात्मक रूप से “पीटती” हैं और पुरुष ढाल से खुद को बचाते हैं। ये ट्रेडिशन केवल मस्ती नहीं, बल्कि एक माइथोलॉजी स्टोरी और कल्चरल हेरिटेज से जुड़ी हुई है।
क्यों खेली जाती है लट्ठमार होली? बरसाना की इस अनोखी परंपरा की कहानी
1. राधा-कृष्ण की कथा से जुड़ा ट्रेडिशन
माना जाता है कि लट्ठमार होली की शुरुआत राधा और कृष्ण की महान कहानी से हुई थी। कहा जाता है कि कृष्ण राधा और उनकी सहेलियों को चिढ़ाने के लिए अपने गांव नंदगांव से बरसाना आए थे। बदले में, राधा और उनकी सहेलियों ने उन्हें लाठियों से भगा दिया था। इस प्यार भरी हंसी-मजाक के सम्मान में यह परंपरा आज भी निभाई जाती है।
Devotees from Nandgaon drenched in vibrant #Holi colours during the traditional #LathmarHoli celebrations at the Shri Radha Rani Temple in Barsana, in Uttar Pradesh.#Holi2026pic.twitter.com/klyyM8pqCt
— All India Radio News (@airnewsalerts) February 25, 2026
2. बरसाना और नंदगांव की खास परंपरा
लट्ठमार होली ज़्यादातर बरसाना और नंदगांव में मनाई जाती है। पहले दिन, नंदगांव के पुरुष बरसाना आते हैं, और महिलाएं लाठियों से उनका स्वागत करती हैं। अगले दिन, बरसाना के लोग नंदगांव जाते हैं, जहाँ ये फेस्टिवल दोहराया जाता है। ये रिचुअल सदियों से चली आ रही है और हर साल हज़ारों देवोटीस और टूरिस्ट इसमें शामिल होते हैं।
3. सिंबॉलिक पावर और ह्यूमर का कॉम्बिनेशन
हालांकि नाम सुनकर ये ट्रेडिशन एग्रेसिव लग सकती है, लेकिन इसमें वायलेंस नहीं, बल्कि ह्यूमर और स्य्म्बोलिस्म होती है। पुरुष सिर पर ढाल लेकर आते हैं और महिलाएं हल्के अंदाज़ में लाठियां चलाती हैं। पूरा माहौल सांग, म्यूजिक और हंसी-मजाक से भरा रहता है। ये आयोजन महिलाओं की पार्टिसिपेशन और पैशन का अनोखा एक्साम्प्ले भी है।
4. कल्चरल आइडेंटिटी और टूरिज्म अट्रैक्शन
लट्ठमार होली सिर्फ रिलीजियस इवेंट नहीं, बल्कि एक कल्चरल सिंबल बन चुकी है। देश-विदेश से लोग इस ट्रेडिशन को देखने आते हैं। लोकल फोक सांग, डांस और ट्रेडिशनल अत्तिरे इस फेस्टिवल को और भी खास बना देते हैं। ये ट्रेडिशन ब्रज रीजन की रिच हेरिटेज को जीवंत रखती है।
5. प्रेम और इक्वलिटी का मैसेज
यह अनोखी होली प्यार, अपनेपन और इक्वलिटी का मैसेज देती है। लोग राधा-कृष्ण की छेड़खानी का सम्मान करके अपने रिश्तों में ह्यूमर और एक्साइटमेंट लाते हैं लट्ठमार होली सिर्फ कलर का खेल नहीं, बल्कि फेथ, हिस्ट्री और फोक कल्चर का संगम है।
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