Her Money Her Choice: फ्रीलांसिंग और गिग इकॉनमी महिलाओं के लिए कौन से नए मौके ला रही है?

आज की महिला डिजिटल दुनिया में सिर्फ नौकरी नहीं करती बल्कि अपनी शर्तों पर काम चुन रही हैं। फ्रीलांसिंग और gig economy महिलाओं को लचीला और अपने समय अनुसार काम चुनने की आजादी दे रहा हैं। यह जरिया आत्मनिर्भरता और स्वंतत्रता का रास्ता बन रहा हैं।

author-image
Nainsee Bansal
New Update
Education (Freepik)

file image

आज की महिला डिजिटल दुनिया में सिर्फ नौकरी नहीं करती बल्कि अपनी शर्तों पर काम चुन रही हैं। फ्रीलांसिंग और gig economy महिलाओं को लचीला और अपने समय अनुसार काम चुनने की आजादी दे रहा हैं। यह जरिया आत्मनिर्भरता और स्वंतत्रता का रास्ता बन रहा हैं। यह महिलाओं को सुविधा भी देता हैं। साथ ही यह उन्हें आर्थिक रूप से अपने फैसले खुद लेने की स्वतंत्रता देता हैं। महिलाएं घर और ऑफिस के काम में लचीलापन पाकर अधिक स्वतंत्र महसूस करती हैं। डिजिटल दुनिया के जरिए नए टूल, नए तरीके आए हैं जिससे डिजाइन, ग्राफिक्स, लेखन, शिक्षण और कॉन्टेंट राइटिंग जैसे विषय भी घर पर अपनी सुविधा के अनुसार समय निकलकर किए जा सकते हैं।

Advertisment

Her Money Her Choice: फ्रीलांसिंग और गिग इकॉनमी महिलाओं के लिए कौन से नए मौके ला रही है?

फ्रीलांसिंग और Gig Economy क्या हैं?

Freelancing का मतलब होता हैं फ्रीडम के साथ काम करना, जहां व्यक्ति किसी कंपनी का कर्मचारी नहीं होता हैं। पर वह प्रोजेक्ट और एक समय के अनुसार उस पर काम करता और भुगतान पाता हैं। यह साधारण जॉब्स से अलग प्रारूप रखता हैं, यह डिजिटल माध्यम के जरिए समय के अनुसार किया जाता हैं।

Gig Economy एक ऐसा सिस्टम हैं जिसमें ऑन डिमांड और अस्थाई काम डिजिटल प्लेटफार्म के जरिए किया जाता हैं। यह आर्थिक व्यवस्था ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे Swiggy, Uber और Blinkit जैसे ऐप्स पर सुविधा उपलब्ध कराती हैं। यह कर्मचारी हर टास्क के लिए फ्री और उसी के अनुसार अपनी सेवा दे सकता हैं। 

Advertisment

महिलाओं के लिए अवसर

लचीलापन देता हैं

फ्रीलांसिंग और Gig Economy महिलाओं को एक अपने समय और काम को मैनेज करने की सुविधा देता हैं। आज के समय में कई महिलाएं बाहर जाकर काम नहीं कर सकती हैं, तो उन्हें किसी पर निर्भर रहकर काम करने की आवश्यकता नहीं होती हैं। वे स्वतंत्र और अपने समय के अनुसार प्रोजेक्ट्स पर अपनी सेवा दे सकती हैं। यह उन्हें वर्क और हाउस दोनों को मैनेज करने की सुविधा देता हैं।

डाइवर्स फील्ड का उपलब्ध होना

आज के समय में काम सिर्फ ऑफिस से नहीं डिजिटल मीडियम से घर तक पहुंच गया हैं। लेखन जैसा काम अपने डिवाइस के जरिए कहीं भी प्रेषित कर सकती हैं। साथ ही ग्राफिक डिजाइन, सोशल मीडिया मैनेजमेंट और टीचिंग जैसे काम भी ऑनलाइन किए जा सकते हैं। साथ ही यह कॉन्टेक्ट बेस पेमेंट भी लेने की सुविधा होती हैं। यह तक अगर महिला काउंसलिंग मैथड जानती हैं तो ऑनलाइन परामर्श भी उपलब्ध करा सकती हैं।

इंटरनेशनल क्लाइंट और पहुंच

जब women डिजिटल सेवा का उपयोग जानती हैं, तो वह सिर्फ आसपास के ही नहीं वैश्विक स्तर के लोगों के साथ काम कर सकती हैं। नेटवर्किंग के जरिए महिला अंतरराष्ट्रीय काम भी कर सकती हैं। और उसी के अनुसार अपने प्रोजेक्ट पर भुगतान भी पा सकती हैं। इसके लिए फाइबर और तरह तरह ट्रस्टेड फ्रीलनेसिंग प्लेटफार्म उपयोग में लाएं जा सकते हैं।

Advertisment

सामाजिक प्रभाव और उघमिता

महिला अपने दम पर नए स्टार्टअप खोल सकती हैं जो gig इकॉनमी के उनकी जगह बना दें। साथ ही अंतरराष्ट्रीय मुद्दों जैसे सस्टेनेबल प्रोजेक्ट के जरिए अपने प्रोडक्ट और सेवा को लॉन्च कर सकती हैं। महिला डिजिटल प्लेटफार्म के जरिए ग्रामीण महिलाओं के लिए भी काम कर सकती हैं।

डिजिटल और एआई का प्रयोग

Freelancer: महिलाएं वेब डेवलमेंट और ऐप डिजाइन जैसे नए और आवश्यक तरीके सीख कर अपनी सुविधा ग्लोबल बना सकती हैं। साथ हो कोडिंग और ए आई का प्रयोग महिला को और मजबूती देगा। डिजिटल मार्केटिंग जैसे मुद्दों को इसके जरिए सुदृढ़ किया जा सकता हैं।

#Freelancer women Her Money Her Choice